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नहर में डूबे व्यक्ति का नहीं लगा सुराग

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मित्रसेन की नहर में तलाश करता गोताखोर। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। पश्चिमी यमुना नहर में 16 नवंबर को गिरे व्यक्ति का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। परिजन रविवार को भी गोताखोरों के साथ पश्चिमी यमुना नहर के बाड़ी माजरा पुल पर पहुंचे। नहर में डूबे मित्रसेन की तलाश के लिए गोताखोर फिर से पानी में उतरे। देर शाम तक उसकी तलाश जारी रही।
सहारनपुर के नियामतपुर के गांव पथलोकर निवासी कामेशपाल ने बताया कि उसके 43 वर्षीय भाई मित्रसेन की शादी हथनीकुंड बैराज के पास स्थित गांव जानीपुर रैना में हुई है। मित्रसेन अपनी ससुराल में आया हुआ था। 16 नवंबर को जानीपुररैना गांव से तीर्थ नगर में सतीश कुमार के घर बरात आनी थी। मित्रसेन के ससुरालियों के पास बारात में आने का न्योता था
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इस पर उसका भाई मित्रसेन बरात में बाड़ी माजरा के तीर्थ नगर आ गया। शादी के बाद बारात गांव लौट आई, लेकिन उसका भाई नहीं आया। पहले उन्होंने मित्रसेन का इंतजार किया। वह 17 नवंबर तक नहीं लौटा। इस पर उन्होंने मित्रसेन के बारे में ससुराल में पता किया। वहां से पता चला कि मित्रसेन बारात के साथ नहीं लौटा। इसके बाद वह मित्रसेन का पता करने बाड़ी माजरा पहुंचे। यहां कुछ लोगों ने बताया कि 16 नवंबर को एक व्यक्ति नहर में गिर गया था।
इसके बाद से उसकी नहर में तलाश की जा रही है। गोताखोर मित्रसेन के लापता होने की जगह और उसके आसपास तलाश कर रहे हैं। परिजन रेलवे स्टेशन पुल, पुराना हमीदा हैड, पांजूपुर, ठसका तक पता कर चुके हैं। अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लगा है।
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परिजनों का आरोप है कि मामले में पुलिस का रवैया अभी भी उदासीन है। रविवार को भी पुलिस घाट पर चल रहे तलाश अभियान का पता करने तक नहीं पहुंची। ऐसे में पारिवारिक सदस्यों सहित अन्य संबंधियों और तीर्थनगर के लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि नहर में डूबने पर पुलिस इसी तरह उदासीनता दिखाती है, जिससे लापता का कहीं कोई सुराग नहीं मिलता है। ऐसे में नहर से कई दिन बाद शव बरामद होता है।
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