संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में रविवार शाम पांच बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली और आसमान में घने बादल छा गए। कुछ ही देर बाद बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलावृष्टि ब्लॉक बिलासपुर और खिजराबाद क्षेत्र में हुई। अन्य इलाकों में केवल बूंदाबांदी हुई। ट्विन सिटी में भी ज्यादा बारिश नहीं हुई। बारिश से ठिठुरन बढ़ गई।
ओलावृष्टि से सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचा ह। गेहूं की फसल पर अभी इसका कोई नुकसान नहीं है। वहीं यमुनानगर के नजदीक उत्तराखंड और हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में रविवार को बर्फबारी हुई, जिसके चलते मैदानी इलाकों में और ठंड बढ़ गई है। वहीं तापमान भी दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
प्रताप नगर क्षेत्र में दो घंटे मूसलाधार बारिश के साथ ही ओलावृष्टि हुई। बारिश से कस्बे की सड़कें जलमग्न हो गई। बारिश से क्षेत्र में ठंड भी बढ़ गई है। हालांकि दिन में मौसम काफी गर्म रहा, जिससे बारिश के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं मौसम विभाग की तरफ से भी 5 और 6 दिसंबर को क्षेत्र में बारिश बताई गई थी।
बारिश से खिजरी मोड़, बस स्टैंड, अनाज मंडी गेट, नेशनल हाईवे, कुट्टी पुर रोड व किशनपुरा मोड़ पर आदि जगहों पर पानी भर गया। देर रात हुई बारिश से घर जाने वाले राहगीरों व दुकानदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे डॉक्टर अब्दुल रहमान, रवि कुमार, अंकुश वालिया व प्रदीप कुमार आदि का कहना है कि अचानक हुई बरसात ने मौसम को काफी ठंडा कर दिया है।
वहीं बिलासपुर क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई। कम से कम दो तीन एमएम ओले की मोटाई थी। सड़कों, घर और गलियों में ओले ही ओले भर गये। ओले की बरसात से लोग भी घरों में दुबककर बैठ गए। लोगों ने ओलो का जुटाकर एक-दूसरे पर फेंकना शुरू कर दिया। ओले से खेलने में लोग सर्दी का एहसास भी भूल गए।
जिले में कितने हेक्टेयर में खड़ी कौन सी फसलें
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस बार 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल खड़ी है। वहीं7600 हेक्टेयर में सरसों, 18 हजार हेक्टेयर में गन्ना, चार हजार हेक्टेयर में बरसीम, 700 हेक्टेयर में दाल, चना और मसरी की फसलें है। करीब तीन हजार हेक्टेयर में टमाटर, मूली, गाजर, भिंडी, फूल गोभी, शलगम, बंद गोभी, शिमला मिर्च आदि की फसलें खड़ी हैं।
बारिश से गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं है, क्योंकि पौधे अभी बहुत ही छोटी है। ओले पड़ने से सब्जी की फसल को काफी नुकसान हो सकता है। जिला में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं और तीन हजार हेक्टेयर में सब्जी की फसल खड़ी है। - डॉ. जसविंद्र सैनी, कृषि उप निदेशक।
प्रतापनगर में गिरे ओले दिखाता युवक। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar
प्रतापनगर मे बारिश के साथ गिरे ओले। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar