संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि अध्यापक दूसरे दिन भी हाईवे पर डटे रहे। कड़ाके की ठंड में सड़क पर रात गुजारने के बाद रविवार को अतिथि अध्यापकों ने सहारनपुर हाईवे पर ही टेंट गाड़ दिए हैं। इससे राहगीरों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने भी अतिथि अध्यापकों का समर्थन किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षामंत्री ने अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए आवास पर बुलाया। साथ ही सोमवार को चंडीगढ़ में वार्ता के बाद समाधान का भरोसा दिलाया, लेकिन बात नहीं बनी। अध्यापक लिखित और ठोस आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। अध्यापकों का कहना है कि चंडीगढ़ से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे हाईवे से उठेंगे।
अतिथि अध्यापक संघ संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव पारस शर्मा और राज्य प्रधान मैना यादव ने कहा कि हरियाणा के अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की मांग को लेकर पांच सितंबर को शिक्षा मंत्री के आवास पर प्रदर्शन किया गया था। उसके बाद आठ सितंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अतिथि अध्यापकों की वार्ता हुई थी, जिसमें प्रतिनिधिमंडल ने एक्ट में संशोधन कर गेस्ट टीचरों को नियमित करने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने एक्ट में संशोधन करने की बजाए गेस्ट टीचर के लिए 30 अक्तूबर तक बेसिक वेतन, मेडिकल और एलटीसी सहित अन्य सेवा नियम बनाने का भरोसा दिया था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया है। इससे मजबूर होकर एकबार फिर अतिथि अध्यापकों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।
शनिवार की रात हाईवे पर गुजारने के बाद रविवार को भी अतिथि अध्यापक हाईवे पर जमे रहे। एक ओर जहां ठंड से बचाव के लिए अध्यापकों ने टेंट लगाए, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने भी एहतियातन आसपास बैरिकेड्स लगा दिए। इस दौरान डीएसपी ने भी अध्यापकों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे हटने को तैयार नहीं हुए। बाद में शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर से भी करीब आधे घंटे तक वार्ता हुई, लेकिन अध्यापक लिखित आश्वासन मिलने तक हटने को तैयार नहीं हुए। शिक्षामंत्री ने उन्हें कहा कि वह मंगलवार की बजाय सोमवार को ही चंडीगढ़ आ जाएं और संबंधित विभाग के डायरेक्टर से मिलने के बाद उनसे मिलें, लेकिन अध्यापकों का कहना है कि उन्हें अब कोरे आश्वासनों पर भरोसा नहीं रहा है।
भाकियू पदाधिकारी बोले, जरूरत पड़ी तो उखाड़ेंगे पुलिस के बैरिकेड्स
हाईवे पर दरियां बिछाकर धरने पर बैठे अतिथि अध्यापकों को रविवार को भारतीय किसान यूनियन ने भी समर्थन दिया। मौके पर पहुंचे भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना और प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह सुढल ने कहा कि सरकार ने अध्यापकों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो वे पुलिस के बैरिकेड्स भी उखाड़ फेकेंगे।
आश्वासनों के बाद भी टस से मस होने को तैयार नहीं अतिथि शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कड़ाके की सर्दी में जहां एक ओर शाम होते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है, वहीं दूसरी ओर अतिथि अध्यापकों को लगातार दूसरे दिन सड़कों पर रात गुजारनी पड़ी। इसे अतिथि अध्यापकों की जिद कहें या मजबूरी कि आश्वासनों के बाद भी वे टस से मस होने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि इस बार वे खाली हाथ नहीं उठेंगे।
नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों को पहले भी सरकार से आश्वासन मिले, लेकिन कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई, जिससे आहत होकर इस बार उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बनाया है। तभी तो कंपाती ठंड के बीच जगाधरी के अग्रसेन चौक पर टेंट डालकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। रविवार को अधिकारियों के अलावा शिक्षामंत्री से भी उनकी वार्ता हुई, लेकिन वे लिखित आश्वासन मिलने तक सड़क से उठने को तैयार नहीं हुए और दूसरे दिन भी सड़कों पर डटे रहे।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि अब बारिश आए या फिर तूफान, लेकिन वो ठोस कार्रवाई होने से पहले सड़क से नहीं हटेंगे। दूसरी ओर ठंड में कर्मचारियों की सेहत का ध्यान रखते हुए यहां एंबुलेंस को तैनात किया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उन्हें चिकित्सकीय सुविधा मुहैया कराई जा सके।
अकेला नहीं छोड़ सकती, इसलिए बच्चा भी ले आई साथ
अतिथि शिक्षकों के इस धरने में मां के साथ एक बच्चा भी ठंड में रात गुजारने को मजबूर है। दरअसल समस्त अतिथि अध्यापक संघ संघर्ष समिति की अध्यक्ष मैना यादव के पति की हादसे में मौत हो चुकी है। ऐसे में इकलौते 11 वर्षीय बेटे चिराग को भी उन्हें साथ रखना पड़ रहा है।
आवाजाही हो रही बाधित पर लोग मान रहे लोहा
अतिथि अध्यापकों के धरने से सड़क पर एक तरफ का रास्ता बंद हो गया है। बराबर वाले ही रास्ते से वाहनों की आवाजाही हो रही है जिससे वन साइड वाले रास्ते पर जाम लगने लगा है। इससे लोगों को परेशानी भी हो रही है, मगर जो भी लोग यहां से गुजर रहे हैं, वो ठंड में अतिथि अध्यापकों के हौसले को सलाम कर रहे हैं।
अध्यक्ष मैना यादव का बेटा धरने के दौरान मोबाइल पर गेम खेलते हुए। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar
हाइवे पर डेरा डालकर बैठे अतिथि अध्यापक। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar
हाइवे पर धरना होने के चलते दूसरी तरफ लगा वाहनों का जाम। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar
अतिथि अध्यापकों को रोकने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स- फोटो : Yamuna Nagar
अतिथि अध्यापकों का समर्थन देने पहुंचे किसान। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar