बेमौसम बारिश से वीरवार को एकबार फिर शहर पानी-पानी हो गया। सुबह से जिलेभर में हुई झमाझम बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। एक ओर जहां निकासी नहीं होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। सोमनदी में आए पानी से प्रतापनगर में पटरी टूट गई और सड़क भी नदी में समा गई।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार की शाम के बाद वीरवार को लगातार दूसरे दिन बारिश हुई। इससे शहर में नालियां और सीवरेज ओवरफ्लो हो गए। निकासी के लिए बने बड़े नाले चोक होने से पानी सड़क पर बहने लगा। सीवरेज घरों में बैक मारने लगे। परेशान लोग दिनभर पानी निकालने की जुगत में लगे रहे। दूसरी तरफ खेतों में घुसा पानी देख किसानों के आंखों से आंसू निकल गए। फिलहाल बारिश से फसलों को कितना नुकसान हुआ है, कृषि विभाग की ओर से इसका अभी अनुमान नहीं लगाया गया है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 25 एमएम औसत बारिश दर्ज की गई है।
सरस्वती नगर में हुई 62 एमएम बारिश
जिले में सबसे ज्यादा बारिश सरस्वती नगर में हुई है। वीरवार को यहां कुल 62 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यह इस साल की क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश है। इसके बाद सबसे ज्यादा बारिश प्रतापनगर में हुई। यहां 42 एमएम बारिश दर्ज की गई। जबकि छछरौली में 41 एमएम बारिश हुई। वहीं बिलासपुर में कुल 30 एमएम बारिश दर्ज की गई। यमुनानगर में छह और साढौरा में भी छह एमएम बारिश हुई, जबकि रादौर खंड में बारिश नहीं हुई।
भारी बारिश से सोमनदी का पानी खेतों में घुसा
बिलासपुर। तड़के हुई भारी बारिश से सोमनदी में बाढ़ के हालात बन गए। इस दौरान सोमनदी का पानी मलिकपुर बांगर, रूकाली गांवों में घुस गया। यहां करीब साढ़े तीन सौ एकड़ धान व गन्ने की फसल पानी में डूब गई, जबकि सैकड़ों एकड़ में लगी फसल खेत में बिछ गई।
मलिकपुर बांगर के वीर बहादुर, ब्रिजपाल, राजेश्वरी, नीटू ने बताया कि सोमनदी का पानी श्मशान घाट के पास का तटबंध तोड़ कर खेतों में घुस गया, जिससे गांव के दर्जनों ग्रामीणों की करीब डेढ़ सौ एकड़ फसल पानी डूब गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से समय रहते उचित प्रबंधन करने की मांग की है।
गांव रूकाली के संजीव कुमार, मान सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग के द्वारा सोमनदी के पुल से नदी के दोनों ओर करीब दो-दो हजार फीट लंबा तटबंध बनाया गया था। जहां तक तटबंध था वहां नदी के पानी का प्रवाह सीधे रहा। तटबंध के बाद सोमनदी के पानी का रुख खेतों की ओर हो गया, जिस कारण गांव की लगभग दो सौ एकड़ फसल पानी में डूब गई।
बारिश ने खोली अनाजमंडी में व्यवस्थाओं की पोल
बारिश ने अनाजमंडी में प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। बारिश के कारण मंडी में पानी भर गया। फसल लेकर आए किसानों की धान बारिश में भीग गई। अनाजमंडी के मुख्य प्रवेश मार्ग पर दो से तीन फीट तक पानी भर जाने से मंडी में आने वाले आढ़तियों व किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान दलजीत सिंह बाजवा, मनीष बंसल, जगीर सिंह ने बताया कि मंडी में पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर पूर्व में भी मार्केट कमेटी को सूचित किया गया था, लेकिन समय रहते कार्य नहीं किया गया, जिसका खामियाजा आढ़तियों व किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान फूल सिंह, कर्ण सिंह का कहना है कि प्रशासन द्वारा किसानों की फसल बारिश व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए किसी प्रकार की सुविधा नहीं की गई है। शेडों में गेहूं पड़ा है।
इनसर्ट
फसल हुई बर्बाद, किसानों ने उठाई मुआवजे की मांग
छछरौली। बारिश से पकी फसलें पानी में डूब गईं। बाढ़ के पानी ने धान की फसल पूरी तरह खराब कर दी। यहां करीब डेढ़ सौ एकड़ फसल में पानी भर गया है। कुलदीप, शमशेर, रामकुमार, राजन, देशराज, पवन, करनैल, जसबीर, गुरनाम व पाल सिंह ने बताया कि वीरवार को सुबह हुई बारिश से सोमनदी में बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी मलिकपुर बांगर, लोप्पो, सलेमपुर, हडौली, तिहाणो गांवों की करीब डेढ़ सौ एकड़ खेत में घुस गया। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनको खराब फसल का मुआवजा मिलना चाहिए।
सोमनदी की पटरी टूटने के लिए प्रशासन को बताया जिम्मेदार
प्रतापनगर। बारिश से उफनाई सोमनदी के पानी से सलेमपुर के पास पटरी टूट गई। क्षेत्रवासियों के अनुसार जर्जर हो चुकी पटरी को दुरुस्त कराने के लिए लोगों ने पहले भी प्रशासन से गुहार लगाई थी, लेकिन सुध नहीं ली गई। ग्रामीणों ने पटरी टूटने से हुए नुकसान के लिए प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार बताया है।
दर्जनों गांव में घुस सकता है पानी
सरपंच अजमेर सैनी, सोहनलाल, बलिंद्र ने बताया कि पटरी टूटने से सैकड़ों एकड़ फसलों में पानी घुस गया। वहीं देर रात पानी दर्जनों गांवों को भी चपेट में ले सकता है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति से निपटने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने टूटी पटरी का मुआयना किया और तुरंत बनवाने के आदेश दिए हैं।
वर्जन
बारिश के कारण जिले में कई गांवों के खेतों में पानी घुसने का पता चला है। इसके लिए विभाग की ओर से टीम बनाई गई है। स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। फिलहाल बचाव के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। इसके बाद गिरदावरी करवाई जाएगी।
--डॉ. जसविंद्र सिंह सैनी, कृषि उपनिदेशक।