फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महापंचायत में शामिल होने के लिए सैकड़ों किसान करनाल गए

विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में किसानों के जत्थे करनाल सचिवालय का घेराव करने के लिए जिले के विभिन्न स्थानों से रवाना हुए। रादौर के त्रिवेणी चौक से किसान नेता संजु गुंदयाना, सुभाष धौडंग, मनदीप रोड छप्पर व हरपाल सुढैल के नेतृत्व में किसानों ने पहले नारेबाजी की। उसके बाद करनाल की तरफ रवाना हुए। किसानों ने तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग करते हुए करनाल में लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार लाठी के दम पर किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। लेकिन किसान सरकार के किसी भी दबाव में आने वाले नहीं है। जब तक केंद्र सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेगी, तब तक किसान घर नहीं लौटेंगे। उनका विरोध लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन

करनाल से फोन पर जानकारी देते हुए टिकैत ग्रुप के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि सरकार किसानों को डरा धमका कर और केस दर्ज करके दबाना चाहती है, लेकिन किसान न तो झूठे मुकदमों से पीछे हटने वाले और न ही लाठी चार्ज से घबराने वाले। उन्होंने कहा कि जितना सरकार दबाने का प्रयास करती है, आंदोलन उतना मजबूत हो रहा है। करनाल में भारी जनसमूह है और यमुनानगर से सैकड़ों की संख्या में किसान आए हुए हैं। कलेसर से लेकर सांगीपुर तक और कलानौर से थाना छप्पर तक पूरे जिले से लोग पहुंचे हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को हर हाल में कृषि कानून वापस लेने होंगे। किसानों का जोश बढ़ता जा रहा है। इसलिए किसानों के हित में सरकार इन कृषि कानूनों को वापस लें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें