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लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने जिलेभर में किया चक्का जाम

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करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज का असर जिले में रहा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने हरिद्वार-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-344 पर मिल्क माजरा टोल प्लाजा के दोनों तरफ सड़क के बीच ट्रैक्टर-ट्रालियां अड़ाकर जाम लगा दिया। इसके अलावा किसानों ने सुढ़ैल, हरनौल, भंभोली, पाबनी, झीवरहेड़ी, टेही, पंजोरा, बलाचौर में सड़क मार्ग पर जाम लगाकर यातायात रोक दिया। इसके अलावा कई अन्य स्थानोें पर जाम लगाए जाने की सूचना है। मिल्क माजरा समेत अन्य स्थानों पर रात आठ बजे किसानोें ने जाम हटा लिया।
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जानकारी के अनुसार सप्ताहांत होने के कारण यातायात अधिक था, इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया। इस दौरान लोगों ने सोशल मीडिया पर जाम की स्थिति की अन्य लोगों को जानकारी दी और यहां से न गुजरने की सलाह दी। ऐसे में लोग संपर्क मार्गों से गुजरते नजर आए। सभी के संपर्क मार्गों से गुजरने के कारण वहां भी जाम की स्थिति रही। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि पुलिस ने किसानों से दूरी बनाए रखी और यातायात डायवर्ट करते रहे।
इस दौरान भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, भाकियू रतनमान गुट जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर, अखिल भारतीय किसान सभा के विजयपाल सहित अन्य नेताओं ने प्रदर्शन की अगुवाई की। नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों की एकता व आंदोलन से भयभीत है। सरकार किसानों की एकता तोड़ने के लिए लगातार बल प्रयोग कर रही है। लाठीचार्ज के कारण कई किसानों को गंभीर चोट आई हैं। संजू गुंदियाना, सुभाष गुर्जर ने कहा कि करनाल में जहां पर किसान एकत्रित हो रहे थे, वहां से 15 किलोमीटर दूर मुख्यमंत्री का कार्यक्रम था। फिर भी पुलिस ने निर्दोष किसानों पर लाठियां बरसाईं।
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भाकियू निदेशक मनदीप सिंह रोडछप्पर भी हमले में घायल हो गए। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को कुचलने का प्रयास कर रही है। जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक किसानों का विरोध जारी रहेगा। जब तक उन्हें कोई आदेश नहीं होते वह तब तक जाम को नहीं खोलेंगे। शाम सात बजे तक भी हाईवे पर जाम रखा गया। जाम से बचने के लिए वाहन चालक लिंक मार्गों से गुजरते दिखे। इस दौरान किसान प्रतिनिधि धर्मपाल चौहान, हरभजन सिंह, जिला परिषद के वर्तमान उपाध्यक्ष अनिल संधू, कृष्ण पाल, कश्मीरी लाल, महीपाल, विजयपाल सहित अन्यों ने किसानों को संबोधित किया। भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि सरकार ने किसानों पर लाठी बरसवाने का निंदनीय कार्य किया है। जाम प्रदेश कार्यकारिणी कमेटी के आदेशों पर लगाया गया है। जब तक प्रदेश कार्यकारिणी के आदेश नहीं आते जाम इसी तरह जारी रहेगा।
लोगों को भारी परेशानी
राष्ट्रीय राजमार्ग -344 से उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा सहित अन्य राज्यों के लोग भी गुजरते हैं। शनिवार को छुट्टी होने के कारण यातायात अधिक था। टोल प्लाजा पर जाम लगने के कारण सैकड़ों लोग फंस गए। इसके बाद लोगों ने संपर्क मार्गों से निकलना शुरू कर दिया। संपर्क मार्गों पर वाहन रेंगते रहे। वहीं सैकड़ों लोग टोल प्लाजा से रक्षक विहार नाका लौट आए और यहां से बिलासपुर की साइड से निकलना चाहा। लेकिन पाबनी में भी उन्हें जाम का सामना करना पड़ा।
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किसानों से दूर रही पुलिस
जाम का पता चलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। मौके पर दो डीएसपी सहित कई थानों के प्रभारियों की ड्यूटी लगा दी गई। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास न करके वाहनों को दूसरे रास्तों से निकालने में प्राथमिकता दिखाई। इस दौरान पुलिस बल किसानों से दूर रहा। वहीं किसान नेताओं के पास जाम खुलवाने के लिए कोई प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि व पुलिस अधिकारी नहीं गया।
सोमनदी का पुल बंद कर लगाया जाम
छछरौली। करनाल में लाठियां बरसाने के विरोध में किसानों ने सोमनदी पुल बंद करके जाम लगा दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान एकजुट होकर सड़कों पर उतरे। जिला प्रधान संजू गुंदियाना ने कहा कि जब किसानों को कानून पसंद नहीं है, तो उन पर थोपना तानाशाही है। किसानों का खून पानी की तरह बहाया गया है, जिसका बदला किसान लेकर रहेंगे। किसान यूनियन के आला पदाधिकारियों के आदेश पर ही रणनीति बनाई जाएगी। गुंदियाना कहना है कि सरकार किसानों के विरोध के बाद भी जानबूझकर कार्यक्रम कर रही है। जिला प्रधान ने लोगों से अपील की है कि अपने घर पर रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया जा चुका है। संयुक्त किसान मोर्चा का आदेश आया तो छोटी से छोटी सड़कें भी बंद कर दी जाएगी। संवाद
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