सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर सभी विभागों के कर्मचारी मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए कर्मचारी भाई कन्हैया साहिब चौक पार्क में एकत्र होंगे। जहां से जुलूस की शक्ल में कर्मचारी जिला मुख्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे।
वहीं 12 जनवरी को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जेल भरो आंदोलन के समर्थन करेंगे। यही नहीं अन्य विभागों के कर्मचारी भी गिरफ्तारी देंगे। सोमवार को यह घोषणा सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान महिपाल सौढे ने इसकी घोषणा की। जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने बताया कि सरकार मांगों का समाधान कर हड़ताल को खत्म करवाने की बजाए बर्खास्तगी के नोटिस निकाल रही हैं।
सरकार आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का जितना ज्यादा दमन करेगी, उतना गुस्सा ज्यादा बढ़ेगा। अधिकारी हड़ताली कार्यकर्ताओं को बर्खास्तगी का डर दिखाकर दबाने का प्रयास कर रहे हैं। जिसका सर्व कर्मचारी संघ पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कहा सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री ने वर्कर्स को 1500 रुपये व हेल्पर्स को 750 रुपये मानदेय एरियर सहित बढ़ाकर देने की घोषणा की थी। जिसे अभी तक लागू नहीं किया गया।
वहीं वर्कर्स को 24000 व हेल्पर्स को 16000 रुपये मासिक वेतन, सेवानिवृत्ति पर पांच लाख व सहायक को तीन लाख रुपये देने, वर्कर्स को बिना शर्त सुपरवाइजर की पदोन्नति, खाली पद भरने के अलावा मुख्यमंत्री की घोषणाएं पूरी करने की मांग की।
वहीं साढौरा अनाजमंडी में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा धरना दिया जा रहा है। साढौरा धरने में जिला प्रधान रेखा सैनी व सीटू नेता विनोद त्यागी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि तालमेल कमेटी की वार्ता प्रधान सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग से हुई है। यदि वार्ता में कोई सहमति नहीं बनती तो हड़ताल जारी रहेगी। इस दौरान धरने की अध्यक्षता संतोष ने की, जबकि संचालन खंड प्रधान दयावती ने किया। इस दौरान जोत सिंह, सतीश राणा, महिपाल चमरोड़ी, रोशन लाल, सुनीता करहेड़ा, सुनीता, कर्मों, नीलम, सपना, अनिता, सरोज, बलजिंद्र, करमजीत, संजय, सुषमा, विपिन, कमला, रेशमा, ऊषा, निर्मला, सुमन, कमलेश, इमराना, तस्मिना, रीना, बिमला, संतोष व अन्यों ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।