सीआईए टू टीम ने आरोपी राहुल उर्फ हर्ष की निशानदेही पर भगवानपुर के जोहड़ में चलाया हुआ सर्च अभियान
-वीरवार को भगवानपुर के जोहड़ से गोताखोरों ने बिना मैग्जीन के तलाश की पिस्टल
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुराना हमीदा निवासी श्रवण की गोली मार हत्या कर 50.09 लाख रुपए लूटने व निरंकारी ज्वैलर्स विनोद को गोली मार लाखों के गहने लूटने समेत चार वारदातों को अंजाम देने का मास्टर माइंड दिलप्रीत उर्फ सर्वजीत उर्फ दिल खुद विदेश जाना जाता था लेकिन पैसा नहीं था। इसलिए उसने अपराध का रास्ता चुना। इतना ही नहीं उसने अपने गांव के ही दूसरे साथ मनीष और राहुल उर्फ हर्ष को भी अपने साथ जोड़ लिया। इसके बाद दिलप्रीत ने भी दोनों को इसी तरह के अमीर बनने के हसीन सपने दिखाए। हालांकि पहले तो मनीष और राहुल ने न कर दी थी। परंतु बाद में दिलप्रीत का साथ देने में हामी भर दी। इसके बाद वारदात को अंजाम देने का सिलसिला शुरू हुआ था।
जोहड़ से निकली पिस्टल और बाइक पैनल
सीआइए टू इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि तीन मार्च को निरंकारी ज्वेलर के साथ जो लूट हुई थी। वह गन प्वाइंट पर हुई थी। उसमें तीनों आरोपी दिलप्रीत, मनीष और राहुल उर्फ हर्ष शामिल थे लेकिन उस दौरान जिस पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। वह राहुल ने दिलप्रीत के कहने पर भगवानपुर के जोहड़ में ठिकाने पर फेंक दी थी। वीरवार को उस बिना मैग्जीन वाली पिस्टल को भी गोताखोरों ने तलाश कर टीम को सौंप दिया है। इसके अलावा जोहड़ से एक और बाइक पैनल बरामद हुआ है और यह जोहड़ में सारा सर्च अभियान आरोपी राहुल की निशान देही पर चल रहा है। बता दें वारदात में शामिल होने पर आरोपी राहुल पर भी पांच हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।
इससे पहले तीनों का कोई नहीं क्रिमनल रिकॉर्ड
सीआईए टू इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि चारों वारदात को ट्रेस करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। मगर इन वारदात में काबू किए गए तीनों आरोपी दिलप्रीत, मनीष और राहुल का इससे पहले कोई क्रिमनल रिकॉर्ड नहीं था। तीनों ही भगवानपुर के रहने वाले हैं। दिलप्रीत ने ही मनीष और राहुल को लालच देकर अपनी गैंग में शामिल किया था।