माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर । जिले में डेंगू का डंक और अधिक खतरनाक होता जा रहा है। डेंगू ने शहर से लेकर गांवों तक पैर पसार लिए है। जिले में बीते एक एक सप्ताह में 80 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। जिले में अब तक 137 लोग डेंगू का शिकार हो चुके है। स्थानीय प्रशासन डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के लारवा की जांच कराने के साथ फॉगिंग करा रहा।
स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 147 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे है, जिनकी बुधवार को रिपोर्ट मिलेगी। वहीं बुखार से पीड़ित रोगियों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता और सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान किसी घर में लारवा मिलता है तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 468472 घरों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 6012 घरों में डेंगू का लारवा मिला। इस पर मकान मालिक को नोटिस दिया गया।
जिला मलेरिया अधिकारी वागेश गुटेन ने बताया कि अब तक कुल 137 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई है, इनमें सक्रिय केस दस से भी कम हैं। पीड़ितों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक कुल 1992 लोगों की डेंगू की जांच कराई गई है।उन्होंने बताया कि हर साल सर्दियों के आगाज के साथ डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छरों की ब्रीडिंग कम होने लगती है, लेकिन इस साल अक्तूबर के आखिरी हफ्ते तक बारिश हो रही है और दिन में धूप भी तेज है।
मौसम सर्द होने के बाद भी मच्छरों के ब्रीडिंग हो सकती है। जितनी अधिक ब्रीडिंग होगी, उतने ही अधिक केस आएंगे। हालांकि तापमान 14-15 डिग्री होने पर मच्छर खत्म हो जाएंगे। उधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लग रही है। प्लेटलेट्स कम होने के बाद मरीज चंडीगढ़, मोहाली, दिल्ली व गुरुग्राम के अस्पतालों में भी उपचार करा रहे हैं।
यह लक्षण दिखे तो हो जाएं सावधान
डेंगू के मरीज को सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डी या जोड़ों में दर्द, उल्टी आना, पेट की खराबी, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द और त्वचा पर चकत्ते या लाल रंग के दाने निकलते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लक्षण नजर आते ही तुरंत जांच करानी चाहिए।
बचाव के लिए क्या करें
फुल बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। रोजाना तीन लीटर से ज्यादा पानी पीएं। घर में गमले, कूलर व बर्तन में पानी जमा न होने दें। धारीदार मच्छर शरीर पर बैठे तो तत्काल सतर्क हो जाएं। पानी जमा मिले तो मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें।
डेंगू पर रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें हर संभव प्रयास कर रही है। प्रभावित इलाकों में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें फॉगिंग कर रही हैं। अब तापमान भी कम होने लगा है। ऐसे में डेंगू फैलाने वाला मच्छर पनप नहीं सकेगा। लोग सावधान रहे और स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों का पालन करें। घर और आसपास में पानी को एकत्र न होने दें। कूलर, टंकी व जलाशय में पेट्रोल की बूंदे डाल दें। बुखार होने पर चिकित्सक से इलाज करवाएं। - डॉ. विजय दहिया, सीएमओ