यमुनानगर। भूस की समस्या के समाधान के लिए सोमवार को चारों डेयरी कांप्लेक्स के संचालक मेयर मदन लाल से मिले। उन्होंने यूपी व हिमाचल प्रदेश में हो रही भूस की सप्लाई पर रोक लगाने, दड़वा में चारा मंडी बनाने और सूखे चारे का औद्योगिक इस्तेमाल बंद करने की मांग की। मेयर ने एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार को मौके पर बुलाकर डेयरी संचालकों की समस्याएं सुनी और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया।
कैल डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान सुरजीत सिंह, औरंगाबाद डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान हैप्पी गिल, दड़वा डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान संजय पाहवा और रायपुर डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान मिलकेश फौजी ने बताया कि भूस की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने जिले से भूस के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, फिर भी यूपी व हिमाचल प्रदेश में भूस से भरे वाहन जा रहे हैं। वाहन चालक पंजाब से भूस लेकर आने की बात कहते हैं, जबकि इस संबंध में अधिकतर वाहन चालकों के पास कोई दस्तावेज नहीं होता। बावजूद इसके पुलिस द्वारा उन्हें छोड़ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि हमने शनिवार को यूपी की तरफ जा रहे भूस से भरे 17 वाहन पकड़ कर पुलिस के हवाले किए थे, लेकिन उनके से एक भी वाहन चारा मंडी में नहीं आया। कुछ वाहनों को पंजाब से लाया भूस बताकर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि जिले में भूस के निर्यात पर रोक लगाई गई है। लेकिन इन आदेशों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने मेयर मदन चौहान से मांग की कि यूपी व हिमाचल प्रदेश में हो रही भूस की सप्लाई पर रोक लगाई जाए। दड़वा में चारा मंडी बनाई जाए। क्योंकि सभी डेयरी कांप्लेक्स शहर से बाहर बने हुए हैं और शहर की सड़कों पर हरा व सूखा चारा बिकता है। इसके अलावा औद्योगिक इकाईयों में किए गए जो सूखे चारे के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए, ताकि पशु पालन के लिए सूखे चारे की किल्लत न हो।