हरियाणा के यमुनानगर में साइबर ठगों ने बिगो एप पर चैटिंग कर बिहार के पटना निवासी युवक अजितेश से 26 लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगों की इस गैंग में शामिल दो युवतियों ने पहले उससे दोस्ती की। बाद में उससे इलाज के बहाने और फिर उसके नाम वसीयत कराने का झांसा देकर रुपये ठगे। ठगों ने यह रुपये भी शहर के एक बैंक शाखा के खातों में मंगवाए गए। पीड़ित युवक के पिता अवदेश सिंह ने एसपी को शिकायत दी। जिसके बाद शहर थाना पुलिस ने तीन युवतियों समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिहार के जिला पटना के शिवपुरी मानस मार्ग शांति विहार निवासी अवदेश सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके बेटे अजितेश कुमार के साथ शिवानी सिंह संधू व जिया कपूर नाम की दो युवतियां बिगो एप पर चैटिंग करती थी। दोनों आरोपी आपस में दोस्त हैं।
शिवानी ने खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया में गूगल में नौकरी करने व जिया ने पंचकूला के सेक्टर 21 निवासी बताया था। चैटिंग के दौरान शिवानी ने उसके बेटे अजितेश को बताया कि वह मार्च महीने में चंडीगढ़ में अपने चाचा व चाची से मिलने के लिए आई हुई है।
यहां तक बताया कि उसकी सगाई अमेरिका में हो चुकी है। अपने मंगेतर के साथ तस्वीरें भी शेयर की थी। कुछ दिन बाद अजितेश के पास जिया ने दोबारा फोन किया और कहा कि शिवानी की तबीयत खराब हो गई है। उसके सारे रुपये चाचा व चाची ने ले लिए है। वह इस समय पीजीआई में दाखिल है।
उसने फोटो भी भेजी। उसने बताया कि उसे इलाज के लिए एक लाख रुपये की जरूरत है। उसकी बातों पर विश्वास कर अजितेश ने उनके पेटीएम नंबर पर एक लाख रुपये भेज दिए। यह पेटीएम नंबर परमिंदर कौर नाम की महिला का था। इसके बाद भी कई बार अलग-अलग कर अजितेश से लगभग साढ़े चार लाख रुपये मंगवाए गए।
लगभग दो माह बाद फिर से जिया का अजितेश के पास फोन आया। जिसने कहा था कि शिवानी की तबीयत फिर बिगड़ गई है। उसे अस्पताल में दाखिल कराया था। जहां उसकी मौत हो गई है। अब अस्पताल का बिल चुकाने व शिवानी का अंतिम संस्कार करने के लिए रुपयों की जरूरत है और उससे 60 हजार रुपये ले लिए थे।
अजितेश पूरी तरह से जिया व शिवानी के जाल में फंस चुका था। कुछ दिन बाद उसके मोबाइल पर ऑडियो क्लिप आई। जिसमें कहा गया था कि शिवानी ने मरने से पहले अपने अधिवक्ता के माध्यम से अजितेश व जिया के नाम वसीयत की है। इस वसीयत को हस्तांतरित कराने व अधिवक्ता की फीस के लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई।
इस बारे में उसके बेटे अजितेश ने उसे बताया। वह भी लालच में आ गए, क्योंकि वसीयत में उसका बेटा अजितेश भी हिस्सेदार है। इसलिए 10 लाख रुपये उससे देने के लिए कहा गया लेकिन उसने इतने रुपये होने से इंकार कर दिया और वसीयत होने के बाद देने की बात कही।
लालच में आकर उसने व उसके बेटे अजितेश ने यह रुपये भी ट्रांसफर कर दिए। जिन बैंक खातों में रुपये भेजे गए। वह सभी यमुनानगर की बैंक शाखाओं के थे। इसमें मुंडा माजरा निवासी गुरप्रीत सिंह के बैंक खाते में रुपये भिजवाए गए।
जब उन्होंने इस बारे आरोपियों से बातचीत की तो वह टाल मटोल करने लगे। आरोपी जिया कपूर, शिवानी सिंह संधू, परमिंद्र कौर व गुरप्रीत सिंह ने मिलकर उनसे 26 लाख रुपये ठग लिए। शहर पुलिस ने चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।