हरियाणा के कुरुक्षेत्र में साढ़े तीन साल पहले हरियाणा पुलिस के हवलदार के साथ मारपीट कर मोबाइल और पर्स छीनने के तीन आरोपियों को अदालत ने दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई। पर्स में आठ हजार रुपये थे। अदालत ने दोषी अभिषेक, अमरदीप और नितिन निवासी बन पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने पर तीनों को छह माह अलग से सजा काटनी होगी।
थाना लाडवा में नरेंद्र कुमार निवासी लाडवा ने एक अप्रैल 2020 को शिकायत में बताया था कि वह हरियाणा पुलिस में हवलदार हैं। यमुनानगर के रादौर में ई-चालान ब्रांच में उसकी ड्यूटी लगी हुई है। एक अप्रैल 2020 को वह अपनी ड्यूटी के बाद अपनी बाइक पर अपने घर लाडवा के लिए चला था।
रात करीब आठ बजे वह बन बस अड्डे के पास पहुंचा तो उसके मोबाइल पर कॉल आई, जिसे सुनने के लिए वह रुक गया था। इसी दौरान बाइक पर आए तीन युवक उसके पास आकर रुके और उसके साथ मारपीट करके मोबाइल और पर्स छीनकर भाग गए थे। उसके पर्स में करीब आठ हजार रुपये थे।
जिला उप-न्यायवादी राजकुमार ने बताया इस मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशु कुमार जैन की अदालत ने गवाहों व सबूतों के आधार पर छीना-झपटी करने के दोषी अभिषेक, अमरदीप व नितिन को भादस की धारा 379बी के तहत 10-10 वर्ष कारावास व 25-25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर अलग से छह महीने की सजा काटनी होगी। वहीं अदालत ने दोषी नितिन को धारा 201 के तहत एक वर्ष कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा अलग से सुनाई है।