अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश बालू, थर्मल प्रधान अविनाश सैनी, सचिव संजय बाली ने कहा कि थर्मल के 700 कर्मी 25 अप्रैल से थर्मल के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन थर्मल मैनेजमेंट अभी तक अड़ियल रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कितना ही लंबा संघर्ष क्यों न करना पड़ जाए कर्मचारी कौशल रोजगार लेकर ही रहेंगे।
रोजगार में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को थर्मल पॉवर प्लांट के अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले करीब साढे 300 कर्मचारी बाइकों पर रैली निकालते हुए भाई कन्हैया साहिब चौक के नजदीक पार्क में एकजुट हुए। यहां से पैदल जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। लेकिन यहां पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कर्मचारियों को रोक लिया गया। इससे कर्मचारी और रोषित हो गए और वहीं पर ही धरना दे दिया। ऐसे में कर्मचारियों ने सरकार, मैनेजमेंट के अलावा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। लगभग पौने घंटे तक कर्मचारी पुलिस के सामने ही नारेबाजी करते रहे। इसके बाद जगाधरी एसडीएम अमित कर्मचारियों के बीच पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन लिया।
विज्ञापन
कौशल रोजगार लेकर ही रहेंगे
अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश बालू, थर्मल प्रधान अविनाश सैनी, सचिव संजय बाली ने कहा कि थर्मल के 700 कर्मी 25 अप्रैल से थर्मल के सामने टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं। लेकिन थर्मल मैनेजमेंट अभी तक अड़ियल रवैया अपनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कितना ही लंबा संघर्ष क्यों न करना पड़ जाए कर्मचारी कौशल रोजगार लेकर ही रहेंगे। प्रधान अविनाश सैनी ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ थर्मल में ठेकेदारी हावी है। कर्मचारियों का सरेआम शोषण हो रहा है। जो कर्मचारी 12 से 15 सालों से डिग्री, डिप्लोमा होल्डर होने के बाद भी उन्हें कौशल रोजगार में शामिल नहीं किया गया, जबकि नॉन टेक्निकल स्टाफ को कौशल में शामिल किया जा रहा है जोकि गलत है।