हरियाणा के यमुनानगर में जहरीली शराब प्रकरण में प्रोडक्शन रिमांड पर लिया गया गैंगस्टर मोनू राणा मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में कुरुक्षेत्र जेल भेज दिया गया। पुलिस ने रिमांड के दौरान उससे उस जगह की भी निशानदेही कराई, जहां पर उसने मोबाइल भट्ठी में जलाने की बात कही थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोनू राणा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह जेल से शराब ठेकेदारों से बात करता था। उसने यह भी बताया कि जिस मोबाइल से वह बात करता था, जहरीली शराब का मामला सामने आने के बाद उसे जेल में ही भट्ठी में जला दिया था।
पुलिस इस मामले में अब अंबाला में गिरफ्तार अंकित उर्फ मोगली को प्रोडक्शन रिमांड पर लेगी, जो जहरीली शराब फैक्टरी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने गैंगस्टर मोनू राणा के साथ मिलकर ही अंबाला के बिंजलपुर के खेतों में शराब फैक्ट्री खोली थी, जहां से सप्लाई की गई शराब का सेवन करने से लोगों की जान चली गई।
जहरीली शराब की वजह से जिले के मंडेबरी, सारन, पंजेटों का माजरा, फूंसगढ़ व मंगलौर में ही 18 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि दो लोगों ने हमेशा के लिए आंखों की रोशनी खोई है। मामले में अब तक जिला पुलिस 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जो इस वक्त जेल में हैं।
कुरुक्षेत्र के जेल एसपी सोमनाथ जगत के अनुसार, प्रोडक्शन वारंट के दौरान यमुनानगर की पुलिस टीम ने मोनू राणा से उस स्थल की निशानदेही कराई है, जहां उसने भट्ठी में मोबाइल जलाने की बात कही है, हालांकि मौके से कुछ बरामदगी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस संबंध में मोनू राणा से पूछताछ की गई थी, लेकिन कुछ बरामद नहीं हुआ।