गोलियों के खोल। शटर में लगी गोली का निशान। जांच करती पुलिस।
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दुकान मालिक और न ही दुकानदार कर रहा सरपंच के चुनाव की तैयारी, दहशत फैलाने के लिए की फायरिंग
बदमाशों द्वारा जो धमकी भरा पत्र फेंका गया है। उससे सरपंच की रंजिश को लेकर फायरिंग किए जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन जिस दुकानदार राजकुमार की दुकान पर फायर किया गया, वह चुनाव नहीं लड़ रहा है। न ही उसकी कोई चुनाव की तैयारी है। इसके अलावा दुकान मालिक साब्बी सिंह भी विदेश में रह रहा है। ग्रामीणों के अनुसार साब्बी भी चुनाव को लेकर कोई तैयारी नहीं कर रहा है और न ही उनके परिजनों में कोई सरपंची के चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार संभवत: यह फायरिंग सरपंच पद के उम्मीदवारों में दहशत फैलाने के इरादे से की गई है। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
ढाई माह पहले मंधार में हरप्रीत के घर पर की गई थी फायरिंग
पंचायती चुनाव में खड़े होने वाले सरपंच पद के उम्मीदवारों को धमकाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीती 18 जुलाई की रात को मंधार में सरपंच चुनाव की तैयारी कर रहे गांव मंधार निवासी हरप्रीत सिंह के मकान पर फायरिंग हुई थी। तब बाइक सवार दो युवकों ने करीब 17 राउंड फायर किए थे। गोलियां घर की दीवारों और शीशे पर लगी थी। फायरिंग के समय हरप्रीत व परिवार के सदस्य कमरों के अंदर थे। इस दौरान बदमाशों ने गेट के पास खड़े होकर हरप्रीत को धमकाते हुए कहा था कि तेरे को हम बनाएंगे गांव का सरपंच। तब पुलिस को मौके से 17 खोल बरामद हुए थे। छप्पर पुलिस ने इस मामले में अज्ञात दो युवकों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। वहीं, पिछले साल गांव बाल छप्पर में भी बदमाशों ने दुकान पर फायरिंग की थी और शटर पर सरपंच का चुनाव लड़ने वालों के लिए धमकी भरे शब्द लिखे थे।
गांव मुसींबल में फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस और सभी स्टाफ की टीमें रात को ही गांव में पहुंची थी और सुबूत जुटाए थे। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दहशत फैलाने के लिए इरादे से यह वारदात की गई है। मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। - राकेश राणा, छप्पर थाना प्रभारी