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Haryana: अमेरिकी नागरिक से 12 करोड़ की ठगी के मामला, विदेशियों को भी बनाया ठगी का शिकार, 20 पर केस

Wed, 27 Mar 2024 10:04 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)

सार

अमेरिकी नागरिक से 12 करोड़ की ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से बरामद उपकरणों की जांच में खुलासा हुआ है। 
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साइबर फ्रॉड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिकी नागरिक मरले ली कारेजवो से क्रिप्टाे करेंसी के जरिये लगभग 12 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह ने कई अन्य विदेशियों से भी करोड़ों की ठगी की है। इसका खुलासा मामले में गिरफ्तार मोहाली निवासी सरबजीत सिंह व विक्रमजीत से बरामद उपकरणों की जांच से हुआ है।

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जांच में यह सामने आया है कि गिरोह के सदस्यों ने रिचर्ड, डेविड, मर्सिया, माइकल, जार्ज और विदेश में रहने वाले अन्य लोगों से क्रिप्टो करेंसी व अन्य माध्यमों से साइबर ठगी की है। मामले में साइबर क्राइम थाना प्रभारी बलवंत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने गिरोह से जुड़े 20 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

निरीक्षक बलवंत सिंह ने बताया कि अमेरिकी नागरिक मरले ली कारेजवो व अन्य से साइबर ठगी करने के मामले में पकड़े गए आरोपी सरबजीत सिंह व विक्रमजीत से जब्त किए गए उपकरणों की जांच में पता चला कि आरोपियों ने जाली दस्तावेजों का उपयोग कर अन्य विदेशियों को भी ठगी का शिकार बनयाा है। यह भी पता चला है कि वर्ष 2022 में मोहाली निवासी विक्रमजीत, आंचल मित्तल, चोपड़ा गार्डन निवासी अक्षय छिब्बर व डिकी ने काॅल सेंटर स्थापित किया था।
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विक्रमजीत सिंह काॅल सेंटर में काम करने और वहां रहने वाले आरोपियों को सामान उपलब्ध कराता था। आरोपी मोहित, राहुल विर्दी और विक्रम चौधरी टोल फ्री नंबर उपलब्ध करवाते थे। जिसके लिए उन्हें भुगतान किया जाता था। यह तीनों आरोपी विक्रमजीत सिंह के लिए काॅल वेंडर भी हैं।

आरोपी पेपल व नार्टन के जरिये क्रिप्टो करेंसी का कार्य करने वालों को धोखा देने के लिए ईमेल की स्क्रिप्ट तैयार करते थे। फिर टोल फ्री नंबर (टीएफएन) वाला संदेश एसएमटीपी (सिंपल मेल ट्रांसफर प्रोटोकॉल) सर्वर के माध्यम से ईमेल भेज देते थे। ईमेल में यह खुद को पेपल सुरक्षा अधिकारी बताते थे। जब लोगों को यह ईमेल मिलता तो वह ईमेल में दिए टोल फ्री नंबर पर काॅल करते तो इन कॉल को विजय बिस्सा, सुंदरम, शादान, नौशाद, फहद, श्वेता तिवारी आदि सुनते थे।

वे कॉल करने वालों को बातों में उलझा लेते थे। फिर उसके कंप्यूटर या मोबाइल को एनी डेस्क के माध्यम से अपने सिस्टम पर ले लेते थे। जिससे उसके खाते व कंप्यूटर की पूरी जानकारी लेकर उनके बिटक्वाइन खाते से क्रिप्टो करेंसी अपने पास ट्रांसफर कर लेते। जिसे बाद उसे नकदी में बदल लेते थे।

ये आरोपी विदेशी नागरिक से बात करने के लिए विदेशी नाम का ही इस्तेमाल करते थे। आरोपियों ने किस विदेशी से कितने रुपये ठगे, इसकी जांच अभी की जा रही है। फिलहाल गिरोह से जुड़े 20 आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है। आरोपी विक्रमजीत सिंह पहले से पुलिस गिरफ्त में है।

इन पर दर्ज हुआ केस
साइबर थाना पुलिस ने मामले में पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तिलजला लेन निवासी शादान, अर्पिता उर्फ लीजा, दिल्ली के रोहिणी सेक्टर 13 निवासी करण दीवान, सुंदरम, आशु, पंजाब के मोहाली निवासी फहाद, पश्चिम बंगाल के कोलकाता निवासी अमित तिवारी, पश्चिम बंगाल के 24 परगना के हबीब चौक निवासी नौशाद, पंजाब के जीरकपुर के वीआईपी रोड निवासी अरफिन सिद्दीकी, कोलकाता के सरनी बड़ा बाजार निवासी अजय बिस्सा, पंजाब के मोहाली के गुरजीवन बिहार निवासी आंचल मित्तल, मोहाली के सेक्टर-110 निवासी विक्रमजीत सिंह, अमित कुमार, अक्षय छिब्बर, डिकी, मोहित, राहुल विर्दी, विक्रम चौधरी, विजय बिस्सा, श्वेता तिवारी पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

धोखाधड़ी का तीसरा मामला
क्रिप्टो करेंसी के जरिये विदेशियों से धोखाधड़ी का यह तीसरा मामला है। इससे पहले दिसंबर माह में अमेरिकी नागरिक मरले ली कारेजवो से क्रिप्टाे करेंसी के जरिये लगभग 12 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामला सामने आया था। जिसमें पुलिस ने पंजाब के मोहाली निवासी विक्रमजीत सिंह व सरबजीत सिंह पर केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी विक्रमजीत पर 30 जनवरी को क्रिप्टो करेंसी के जरिये ठगी करने का दूसरा केस दर्ज किया गया था। तब पुलिस को दी शिकायत में करनाल स्थित शुभएक्स कंपनी पैक्सफुल प्लेटफार्म के कानूनी सलाहकार योगेश कुमार ने बताया था कि उनकी कंपनी क्रिप्टो करेंसी, ई-गिफ्ट कार्ड और अन्य डिजिटल सामान खरीदने और बेचने का व्यापार करती है, जो एक अंतरराष्ट्रीय डिजिटल बाजार है। इस प्लेटफार्म पर ही मोहाली निवासी विक्रमजीत सिंह भी व्यापार करता था। इस प्लेटफार्म के नियम के अनुसार उपयोगकर्ता अपने ही अकाउंट से लेनदेन कर सकता है लेकिन विक्रमजीत ने धोखाधड़ी की नीयत से अलग-अलग अकाउंट का प्रयोग कर इस डिजिटल प्लेटफार्म से पेमेंट उन खातों में मंगवाई थी। आरोपी ने कई विदेशियों से इस तरह धोखाधड़ी की।

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