यमुनानगर। महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पर पुलिस ने विभाग की जिला कोऑर्डिनेटर नेहा पंवार को आत्महत्या के लिए उकसाने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। जिला को-ऑर्डिनेटर नेहा पंवार ने 28 मार्च को ऑल आउट (मच्छर मारने की दवा) पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। तबीयत बिगड़ने पर स्टाफ सदस्यों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। जिला को-ऑर्डिनेटर का आरोप है कि मेटरनिटी की छुट्टियां लेने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर उससे एक लाख रुपये मांग रही थी। रुपये नहीं देने पर उसके खिलाफ विभाग को लिखने की बात कही थी। इसी से आहत होकर उसने ऑल आउट पी थी। उधर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आरोपों को गलत बताया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यमुना विहार कॉलोनी निवासी नेहा पंवार ने बताया कि उसके पति पंचकूला में होमगार्ड तैनात है और वह सेक्टर-17 स्थित महिला एवं बाल विकास कार्यालय में जिला कोऑर्डिनेटर (पोषण) के पद पर तैनात है। उसके पास सात माह पहले बच्चा हुआ था। जिसको लेकर वह प्रसव अवकाश पर थी।
एक फरवरी को वह छुट्टी से वापस आ गई थी। उसने बताया कि जब से वह ड्यूटी पर आ रही है, तभी से उसकी जिला कार्यक्रम अधिकारी उसे किसी न किसी बात को लेकर दिमागी रूप से परेशान कर रही थी। उससे तय समय से अधिक काम कराया जा रहा था।
सेक्शन के नाम पर उसे परेशान किया जा रहा था। नेहा पंवार का आरोप है कि आरोपी बलजीत कौर उसे कहती थी उसने छह माह की छुट्टियां लेकर घर बैठकर सैलरी ली है। इसके लिए उसने उसे एक लाख रुपये देने होंगे। नहीं तो वह उसके खिलाफ लिखकर उच्च अधिकारियों को भेज देगी। जिससे उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा। नेहा ने बताया कि 28 मार्च को विभाग कार्यालय में एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार ने निरीक्षण किया था। उनके जाने के बाद परियोजना अधिकारी ने उन्हें धमकाते हुए कहा था कि उसने हमारी शिकायत की होगी। तभी कार्यालय में रेड पड़ी है। आरोप है कि इसके बाद परियोजना अधिकारी ने उसे फटकार लगाते हुए प्रताड़ित किया। इससे परेशान होकर उसने कार्यालय में रखी ऑल आउट पी ली थी। तबीयत खराब होने पर स्टाफ सदस्यों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसे उपचार दिया गया। होश आने पर उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने अब जिला परियोजना अधिकारी बलजीत कौर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के प्रयास के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
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पोषण स्टॉफ की ली थी बैठक, काम के लिए बोला था-
जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर का कहना है कि घटना से पूर्व उसने पोषण स्टाफ की बैठक ली थी। बैठक में कोई ऐसी बात नहीं हुई। सभी को प्यार से काम के बारे में समझाया। काम के बारे में कई बार डांट भी दिया जाता है। उस पर लगाए आरोप गलत है। नेहा पंवार ऑफिस में कुछ भी काम नहीं करती। उसे केवल काम के लिए कहा था। उसकी उसे प्रताड़ित करने की कोई ऐसी मंशा नहीं थी। काम न होने पर उन्हें भी अधिकारियों से सुननी पड़ती है। सरकार काम के नाम पर ही वेतन देती है।
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सेक्टर 17 थाना प्रभारी मेम सिंह का कहना है कि मामले की उनके पास शिकायत आई है। शिकायत के आधार पर मामले में जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।