संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। झींवरहेडी स्थित गुरुद्वारा थड़ा साहिब नवीं पातशाही पर कब्जे को लेकर चल रहा विवाद फिर भड़क गया है। मामले में फिर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सचिव सर्वजीत सिंह ने लोकेल कमेटी के प्रधान रहे गुरबाज सिंह व जोगा सिंह पर रिवाल्वर दिखाकर धमकाने, कमेटी की मुहर का गलत इस्तेमाल कर रुपयों का गबन करने और चेकबुक चुराने का आरोप लगाया है। छप्पर थाना पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों पर चोरी व जालसाजी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना छप्पर पुलिस को दी गई शिकायत में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के सचिव सर्वजीत सिंह ने बताया कि झींवरेहड़ी गांव में गुरुद्वारा थड़ा साहिब पातशाही नवीं 2014 के हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी एक्ट के अनुसार संचालित किया जा रहा है। गांव सिकंदरा निवासी गुरबाज सिंह गुरुद्वारा सेवा संभाल समिति का सदस्य है। आरोप है कि वह रिवाल्वर लेकर गुरुद्वारा में अपने साथियों के साथ आता रहता है। गुरबाज सिंह कुछ दिन पहले गुरुद्वारा साहिब के कार्यालय से चेक बुक ले गया था, जिसे उसने अभी तक वापस नहीं किया है।
गुरबाज सिंह व जोगा सिंह न तो गुरुद्वारा थड़ा साहिब के प्रधान हैं और न ही जोगा सिंह हरियाणा कमेटी के महासचिव हैं। 13 अगस्त 2020 को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान का चुनाव हुआ था, जिसमे जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल चुनाव जीत कर प्रधान बने थे। इसके बाद नई कार्यकारिणी बनी थी, जिसमे जसवीर सिंह भट्टी महासचिव बने थे। गुरबाज सिंह गुरुद्वारा थड़ा साहिब के प्रधान की मुहर व जोगा सिंह ने हरियाणा सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की महासचिव की मुहर का बीती 28 मई को गलत इस्तेमाल किया है। पुलिस ने इस शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
डीएसपी प्रमोद कुमार का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
गुरुद्वारे पर कब्जे को लेकर डेढ़ साल पहले पनपा था विवाद
झींवरहेड़ी गुरुद्वारे पर कब्जे को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) और लोकल कमेटी के बीच करीब डेढ़ साल से विवाद चल रहा है। करीब डेढ़ साल पहले भी एचएसजीपीसी के सचिव सरबजीत सिंह की ओर से लोकल कमेटी के प्रधान गुरबाज सिंह के खिलाफ थाना छप्पर थाने में गुरुद्वारा साहिब के खातों में हेराफेरी करने का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। जिसमें आरोप लगाया गया कि यह गुरुद्वारा एचएसजीपीसी के अधीन है। इसका पूरा लेन देन कमेटी के ही जिम्मे है, जबकि यहां पर गुरबाज सिंह ने लोकल कमेटी बना दी और गुरुद्वारा की कमाई को अपने पास रख रहा है। विवाद बढ़ने पर गुरुद्वारे पर पुलिस को तैनात करना पड़ा था। दोनों पक्ष गुरुद्वारा पर अपना कब्जा जता रहे हैं।