यमुनानगर। लाखों रुपये खर्च कर डेयरी संचालकों ने शहर से बाहर डेयरी कांप्लेक्स में प्लॉट लिए। वह लोग अपना काम भी ठीक से कर रहे हैं। परंतु आधे से अधिक पशु डेयरियां शहर में ही चलने के कारण कांप्लेक्स में काम करने वालों को रोजाना काफी नुकसान हो रहा है। शहर में चल रही पशु डेयरियों को कांप्लेक्स में शिफ्ट करने की मांग को लेकर सोमवार को लोग नगर निगम कार्यालय में मेयर व कमिश्नर से मिले। उन्हें एक सप्ताह में डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने का आश्वासन मिला।
दड़वा डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान जितेंद्र लांबा, उपप्रधान संजय पाहवा, रायपुर से प्रधान मिलकेश फौजी, औरंगाबाद से प्रधान हैप्पी गिल, कैल से प्रधान सुरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि 60 फीसदी डेयरियां अब भी शहर में चल रही हैं। इससे शहर से बाहर कांप्लेक्स में शिफ्ट 40 फीसदी डेयरी संचालकों के कारोबार को लगातार नुकसान हो रहा है। शहर में डेयरियों से दूध मिलने से लोग कांप्लेक्स के डेयरी संचालकों से दूध नहीं ले रहे। जबकि कांप्लेक्स से शहर में आने के लिए उन्हें कई किमी दूरी के चलते दूध सप्लाई में लागत अधिक आ रही है। इसलिए शहर में चल रही सभी डेयरियों को कांप्लेक्स में शिफ्ट किया जाए। डेयरी कांप्लेक्स में काफी डेयरी संचालकों के प्लॉट खाली पड़े हैं। डेयरी संचालकों ने अधिकारियों से कहा कि यदि एक सप्ताह में इसका कोई समाधान नहीं हुआ तो वह जल्द ही मीटिंग कर आगामी रणनीति बनाएंगे।