मृतक अनिल गिरी की बहन पूजा उर्फ नीतू गिरी शहर के जीएनजी कॉलेज की कैंटीन में कार्य करती है ने रोते हुए बताया कि बुजुर्ग मां-बाप बिहार में रहते हैं जबकि यमुनानगर की विजय कॉलोनी में अनिल पत्नी प्रियंका और दो बच्चे बेटा और बेटी के साथ रह रहा था।
कुवैत में हुए भीषण अग्निकांड में मरने वालों में यमुनानगर की इंडस्ट्रियल एरिया के नजदीक विजय कॉलोनी का 35 वर्षीय अनिल उर्फ टून टून गिरी भी शामिल है। जोकि मूलरूप से बिहार के जिला गोपालगंज गांव कलीछप्पर का रहने वाला था। अब काफी समय से यमुनानगर की विजय कॉलोनी में रह रहा था। पांच साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में कुवैत गया था।
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वहां वह वेल्डिंग असिस्टेंट का कार्य करता था। ढाई साल पहले वह एक माह के यमुनानगर में आया था। तब वह अपने घर की कुछ मरम्मत कराने का कार्य का प्लान कर रहा था। अब उसने कुवैत से अपने वतन भारत आने का प्लान बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही परिवार को अग्निकांड में मृत्यु हो जाने की सूचना मिली गई। जबकि दो दिन पहले ही आखिरी बार बात हुई थी। अनिल का अंतिम संस्कार बिहार में कलीछप्पर गांव में ही होगा, इसलिए परिवार के सभी लोग वहीं चले गए
यमुनानगर में पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रही थी
मृतक अनिल गिरी की बहन पूजा उर्फ नीतू गिरी शहर के जीएनजी कॉलेज की कैंटीन में कार्य करती है ने रोते हुए बताया कि बुजुर्ग मां-बाप बिहार में रहते हैं जबकि यमुनानगर की विजय कॉलोनी में अनिल पत्नी प्रियंका और दो बच्चे बेटा और बेटी के साथ रह रहा था। जबकि उसी कॉलोनी में उसका बड़ा भाई राजेश गिरी उसके सामने वाली गली में रहता है। जैसे परिवार को अनिल की मौत की खबर की सूचना मिली तो उनपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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अनिल के एक मित्र जो कुवैत में किसी दूसरी कंपनी में था ने बताया की अनिल की मौत जलकर नहीं बल्कि कमरे में सभी पांच साथियों के साथ दम घुट कर हो जाने के जाने के कारण हुई है। अनिल की बहन पूजा ने हरियाणा सरकार से भी प्रार्थना की है उसके परिवार की हिफाजत सरकार करें नहीं तो उसके पास अब जीने का कोई सहारा नहीं है।