After the incident, he used to throw the stolen bike in the johad, after getting the chassis of the bike, the police got the johad vacated
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर/सरस्वतीनगर। कारोबारी के नौकर पुराना हमीदा निवासी श्रवण की हत्या कर 50.09 लाख रुपये लूटने के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर पूछताछ के दौरान पुलिस ने पशुबाड़े से नकदी से भरा प्लास्टिक का कट्टा बरामद किया है। वहीं पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी चोरी की बाइक से लूट की वारदात को अंजाम देता था और फिर उसे गांव के जोहड़ में फेंक देता था। निशानदेही के बाद अब पुलिस गांव के उस जोहड़ का पानी निकालने में जुटी है, ताकि उसमें फेंकी गई बाइकों को बरामद किया जा सके।
पांच दिन की रिमांड पर लेने के बाद सीआईए-टू की टीम सोमवार रात को आरोपी दिलप्रीत को लेकर उसके गांव भगवानपुर पहुंची। यहां दिलप्रीत की निशानदेही पर पुलिस ने पशुओं के बाड़े की खुदाई की, जहां नकदी से भरा प्लास्टिक का कट्टा बरामद किया गया। इसमें कितनी नकदी है, इसकी जांच की जा रही है। वहीं मंगलवार को पुलिस ने दिलप्रीत की निशानदेही पर गांव मग्घरपुर से भी एक बैग बरामद किया। इसके बाद भगवानपुर गांव के जोहड़ की जांच की जा रही है। जोहड़ से पुलिस को बाइक का चेसिस मिला जो चोरी की बाइक का है। जोहड़ में अन्य बाइकें और सामान होने के मद्देनजर पुलिस अब पानी खाली कराने में जुटी है। मंगलवार की देर शाम तक पुलिस ने पंपसेट व पाइप लाइन की मदद से जोहड़ को खाली कराना शुरू कर दिया था। इस दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रही। ग्रामीण भी जोहड़ खाली करने में पुलिस की मदद करते नजर आए। माना जा रहा है कि दिलप्रीत वारदातों में चोरी की बाइक का इस्तेमाल करने के बाद गांव के जोहड़ में फेंक देता था। विदित हो कि अब तक की पूछताछ के बाद लूट की चार प्रमुख वारदातों में दिलप्रीत उर्फ सरबजीत की संलिप्तता पाई गई है। सीआईए टू इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि दिलप्रीत की निशानदेही पर जोहड़ से एक बाइक का चेसिस बरामद किया गया है। जोहड़ का खाली कराया जा रहा है। साथ ही पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
दिलप्रीत के माता-पिता हुए फरार
दिलप्रीत की गिरफ्तारी के बाद से उसके माता-पिता भी घर से फरार हैं। माना जा रहा है कि दिलप्रीत के माता-पिता भी लाखों रुपये की नकदी लेकर फरार हुए हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए उनके घर पर गई थी, लेकिन दोनों गायब मिले। आसपास के ग्रामीणों को भी उनके बारे में कुछ पता नहीं। माना जा रहा है कि दिलप्रीत के माता पिता को उसके बारे में पता था। आरोपी दिलप्रीत अपने चार-पांच अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देता था। दिलप्रीत के अलावा अभी अन्य किसी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।