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पटाखों के शोर में दब गए प्रशासन के पाबंदी आदेश

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दिवाली पर पटाखे चलाने के कारण उठता धुआं। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। खुशियों व रोशनी का त्योहार दिवाली पर लोगों ने शहर की हवा जहरीली कर दी। ऐसे में सुप्रीमकोर्ट, एनजीटी और प्रशासन के आदेश पटाखों के धमाकों में दम तोड़ गए। लोग बिना रोकटोक के पटाखे बजाते रहे। यहीं नहीं पाबंदी के बावजूद देर तक लोगों ने जमकर आतिशबाजी की।
दिन ढलते ही शहर की हर गली व कॉलोनी से पटाखों की धमक सुनाई देने लगी। वहीं बाजार में बिना रोकटोक पटाखे बिके। पाबंदी का आदेशों का लोगों पर कोई असर नहीं दिखाई दिया। पाबंदी का नाम लेकर 50 से 75 प्रतिशत अधिक दाम पर पटाखे बेचे गए। वहीं पुलिस इधर-उधर गश्त करती रही और जिलेभर में पटाखे बजते रहे। पटाखों के कारण शहर की हवा जहरीली हो गई।
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प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान हवा में प्रदूषण का स्तर पर 500 पहुंच गया। दिवाली की अगली सुबह लोगों को आंखों में जलन, गले में खरास व खुसकी की शिकायत रही। वहीं नजला व जुकाम के कारण भी लोगों को परेशान होना पड़ा। इस दौरान अधिकांश लोग आंखों में जलन व खुसकी की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंचे। जबकि छोटे बच्चों को इसी तरह की शिकायत रही। ऐसे में चिकित्सकों ने तीन चार दिन बच्चों को बाहर घूमने न देने की सलाह दी है।
पटाखे व आतिशबाजी के बाद शहर की हवा जहरीली हो गई है। वीरवार देर रात को ही हवा में प्रदूषण 400 के करीब पहुंच गया था। जबकि शुक्रवार सुबह यह 502 तक पहुंच गया। शाम को प्रदूषण 500 पर स्तर हो गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर गुणवत्ता की दृष्टि से खतरनाक है। मानकों के अनुसार 50 से सौ तक एक्यूआई ही सही होता है। इसके बाद गुणवत्ता का स्तर गिरता जाता है। इस दौरान पीएम एक्यूआई 500 हो गया, जबकि पीएम-10 का स्तर 492 पहुंच गया। यह गुणवत्ता सांस लेने के लिए खतरनाक है।
पुलिस की खानापूर्ति, मात्र पांच केस दर्ज
सुप्रीम कोर्ट ने पहले पटाखों पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद पहुंची विभिन्न जनहित याचिकाओं के बाद हरित पटाखे चलाने के आदेश दिए थे। डीसी की ओर से भी जिले में हरित पटाखों की छूट दी गई थी। परंतु एक नवंबर को फिर से पटाखे बेचने व चलाने पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके लिए एसडीएम और डीएसपी को क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दिवाली पर शहर की हर गली, नुक्कड़, चौक, चौराहे, सड़क पर जमकर पटाखे चलाए गए, जबकि कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने खानापूर्ति करने के लिए जिले में पांच केस दर्ज कर दिए।
थाना गांधी नगर के एएसआई रिषीपाल की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। रिषीपाल ने बताया कि कैंप स्थित गीता भवन मंदिर के पास पहुंचे तो दो तीन युवक गली में पटाखे चला रहे थे। उन्होंने पटाखे बजाए तो दूर तक आवाज आई। पुलिस देखकर युवक फरार हो गए।
इसी प्रकार थाना शहर जगाधरी के हवलदार अशोक कुमार की शिकायत पर एक केस दर्ज किया है। अशोक ने बताया कि वह टीम के साथ पटाखों पर लगे प्रतिबंध को लेकर गश्त पर थे। जब वे शर्मा टैंट के पास पहुंचे तो वहां पर कुछ लोग पटाखे बजा रहे थे। पुलिस की टीम पहुंची तो पटाखे बजाने वाले फरार हो गए।
इसी तरह से फर्कपुर थाना पुलिस ने हवलदार जाफरअली की शिकायत पर केस दर्ज किया है। वे टीम के साथ रेलवे फाटक के पास पहुंचे थे। टीम ने देखा कि पीएनबी के पास एक युवक पटाखे बजा रहा था। पुलिस को देखकर वह फरार हो गया।
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सेक्टर-17 थाना में तैनात एएसआई इरशाद अली ने शिकायत दी है कि वे टीम के साथ गश्त पर थे। जब टीम सेक्टर-17 मार्केट के पास पहुंची तो वहां पर कुछ युवक पटाखे बजा रहे थे। पुलिस को टीम को आता देखकर आरोपी फरार हो गए। पुलिस को वहां से कुछ पटाखे मिले। थाना शहर यमुनानगर पुलिस ने भी केस दर्ज किया है। उप निरीक्षक दल सिंह ने शिकायत दी है कि जब गश्त के दौरान पुराना रादौर रोड पर पहुंचे, तो स्टेशन की तरफ से आ रही गली में तीन-चार युवक पटाखे बजा रहे थे। आरोपी पुलिस की टीम को देखकर फरार हो गए।
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