लोन दिलाने के नाम पर जमानत के रूप में लिए दो चेक से दंपती ने डेयरी संचालक के खाते से 5 लाख 90 हजार रुपये निकलवा लिए। दंपती ने पहले डेयरी संचालक को डेढ़ लाख रुपये उधार दिए थे और लोन दिलाने का झांसा देकर उससे जमानत के रूप में दो चेक व प्लाट की रजिस्टरी ली थी। वहीं पीड़ित डेयरी संचालक से रजिस्टरी के आधार पर प्लाट का इकरारनामा भी फर्जी हस्ताक्षर करके अपने नाम करवा लिया। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
परवालो निवासी जगपाल सिंह ने सेक्टर-17 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी गांव में ही 15 साल से दूध की डेयरी है। करीब 12 साल से वह सेक्टर-17 निवासी प्रमोद गुप्ता के परिवार को दूध देता है। इसलिए उसके उनसे पारिवारिक संबंध बन गए। प्रमोद गुप्ता जगाधरी में रेडीमेड गारमेंट की दुकान करता है और उनकी पत्नी पूजा पंचकूला में सरकारी टीचर है। प्रमोद कमेटी डालने व ब्याज पर पैसा देने का भी कार्य करता है। जगपाल ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले वह सड़क हादसे में घायल हो गया था। इससे वह कामकाज पर अधिक ध्यान नहीं दे पाया। इलाज में काफी पैसा खर्च होने के कारण उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई थी। एक दिन प्रमोद व पूजा उसके घर पर हाल चाल पूछने के लिए आए थे। जिस पर उन्होंने बताया कि अंकित राणा उम्मीद हॉउसिंग फाइनेंस कंपनी से उसका लोन करवा देगा। इसके बदले में वह कमीशन लेगा। जिस पर वह लोन लेने के लिए तैयार हो गया। जगपाल ने बताया कि उसने इलाज के दौरान करीब डेढ़ लाख रुपये प्रमोद से उधार लिए थे। इसके बदले में उनसे जमानत के तौर पर चेक व स्टांप पेपर लिया था। उसने सभी दस्तावेज पूरे होने पर कंपनी में जमा करा दिए। गारंटी के तौर पर उसके 120 वर्ग गज के प्लाट की रजिस्टरी कंपनी में रखवाई गई। आठ जनवरी को उसके खाते में छह लाख आठ हजार 764 रुपये की लोन की राशि आ गई थी। जब वह रुपये निकलवाने के लिए बैंक में गया, तो वहां पर पता लगा कि पांच लाख 90 हजार रुपये दो चेक से पूजा गुप्ता ने अपने खाते में लगाए हैं। यह रुपये पूजा गुप्ता के खाते में चले गए। जबकि यह चेक उसने आरोपियों को बतौर जमानत दिए थे। जब उसने इस बारे में प्रमोद गुप्ता से बात की और पुलिस को शिकायत करने की धमकी दी, तो वह झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे। वहीं, जगमाल ने बताया कि आरोपियों ने जो रजिस्टरी उससे कंपनी में लोन के लिए ली थी। आरोपियों ने उसका भी इकरारनामा पूजा गुप्ता के नाम पर लिखवा लिया। उस इकरारनामा पर फर्जी साइन प्रमोद गुप्ता ने किए। जबकि उसने प्रमोद गुप्ता से उधार लिया पूरा पैसा लौटा दिया था। उसने आरोपियों से अपने रुपये व रजिस्टरी मांगी तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपी प्रमोद गुप्ता व उसकी पत्नी पूजा गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सेक्टर-17 थाना प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उन्हीं अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।