निरंजन कुमार राणा
यमुनानगर। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार छात्र 12वीं की परीक्षाएं नहीं दे पाए और एक तय फार्मूले के तहत हरियाणा बोर्ड और सीबीएसई ने सभी बच्चों को पास कर दिया। जिले में हरियाणा बोर्ड से 8098 बच्चे और सीबीएसई से करीब सात हजार बच्चे पास हुए हैं। वहीं जिले के कॉलेजों में केवल नौ हजार सीटें हैं। ऐसे में कॉलेज में दाखिला लेने के लिए मारामारी होगी।
उच्चतर शिक्षा निदेशालय की तरफ से 12 अगस्त से लेकर 30 अगस्त तक दाखिला प्रक्रिया चलाई जाएगी। संभावित शेड्यूल के मुताबिक 12 से 20 अगस्त तक विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन कराकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद 13 से 22 अगस्त तक दस्तावेजों की तस्दीक करानी होगी। इसे बाद 23 से 24 अगस्त तक प्रथम मेरिट सूची तैयार की जाएगी और 25 अगस्त को प्रथम मेरिट सूची जारी कर दी जाएगी। वहीं 29 को दूसरी सूची तैयार की जाएगी, जिसे 30 अगस्त को जारी किया जाएगा। इसके बाद 31 अगस्त तक फीस जमा करवाई जा सकेगी। नए शिक्षा सत्र 2021-22 के लिए कॉलेजों में एक सितंबर से कक्षाएं शुरू होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ-साथ बची हुई सीटों के लिए दूसरा पोर्टल भी शुरू किया जाएगा।
किस कॉलेज में कितनी सीटें
छछरौली सरकारी कॉलेज-800
बिलासपुर कॉलेज-360
रादौरी कॉलेज-290
सरस्वती नगर-240
प्रताप नगर-60
डीएवी गर्ल्स -2165
खालसा गर्ल्स एवं शिक्षा-1400
डीएवी साढौरा-380
गुर्जर कन्या-200
महाराजा अग्रसेन-900
हिंदू गर्ल्स कॉलेज-660
एमएलएन कॉलेज-1210
एमएलएन रादौर-320
पत्राचार माध्यम का विकल्प होगा
अग्रसेन कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. पीके बाजपेयी का कहना है कि 12वीं में सभी बच्चों को पास किए जाने से इस बार स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले के लिए मारामारी होना तय माना जा रहा है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए बड़ी संख्या में छात्र पहुंचेंगे, लेकिन स्नातक प्रथम वर्ष में सीमित सीट और मेरिट बेस होने से बड़ी संख्या में छात्रों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को पत्राचार माध्यम का विकल्प लेना पड़ सकता है।
ग्रामीण क्षेत्र के कालेजों की सीटें भी फुल होंगी
खालसा कॉलेज के प्रो. डॉ. उदय भान का कहना है कि शहर के प्रमुख कालेजों में हर साल दाखिलों के लिए मारामारी रहती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में स्थित कालेजों में हर साल 15 से 20 फीसदी तक सीटें खाली रह जाती हैं, क्योंकि इन कालेजों में आसपास के गांवों से ही विद्यार्थी दाखिला लेते हैं। वहीं काफी विद्यार्थी शहर के प्रमुख महाविद्यालयों में दाखिला नहीं मिलने की स्थिति में ही ग्रामीण क्षेत्र के कालेजों की तरफ रुख करते हैं। वहीं इस साल जिले में विद्यार्थियों का पास प्रतिशत बढ़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के कालेजों को सीट फुल होने की उम्मीद है।
इस बार 12वीं कक्षा का सौ फीसदी परिणाम आने से कॉलेजों में दाखिले के लिए निश्चित तौर पर मारामारी रहेगी। उच्चतर शिक्षा विभाग स्थितियों पर नजर रखें हुए है। सीट बढ़ाने के बारे में अभी कोई योजना नहीं है। कट ऑफ की बजाय टेस्ट लिया जा सकता है। - कंवरपाल गुर्जर, शिक्षामंत्री हरियाणा