रोहतक के गांव गरनावठी में 18 सितंबर को ऑनर किलिंग का शिकार हुए युवक धर्मेंद्र का परिवार पूरी तरह सहमा और डरा हुआ है। मृतक की मां ने महिला आयोग की टीम के सामने कहा कि उन्हें नहीं पता कि आखिर किसने उसके बेटे के का शव को घर के बाहर फेंका था।
उसे अपना बेटा खो जाने का गम जरूर है, परंतु बोलने की हिम्मत नहीं है। मृतक की मां ने साफ कहा कि उन्हें गांव में रहना है। कहीं कुछ बोला तो समाज हुक्का-पानी भी बंद कर देगा।
महिला आयोग की दो सदस्यीय टीम समीना शकीफ के नेतृत्व में सोमवार को गरनावठी पहुंची। वहां उन्होंने मृतक प्रेमी युगल निधि और धर्मेंद्र के परिजनों से बातचीत की। टीम के सामने मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों ने चुप्पी साधी रखी। मृतका निधि के घर पर उसकी दादी थी। दादी ने टीम को बताया कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, जबकि धर्मेंद्र का परिवार टीम के सामने सहमा हुआ दिखाई दिया।
टीम ने परिजनों से पूछा कि उनकी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने क्या प्रबंध किए हैं। टीम के साथ एसपी राजेश दुग्गल भी रहे। उन्होंने बताया कि इस मामले में युवती के पिता नरेंद्र, चाचा रविंद्र, भाई सन्नी और मां के अलावा एक पंच और चालक को गिरफ्तार कर हथियार बरामद कर लिए गए हैं।
एक साल पहले भी मिली थी धमकी
टीम सबसे पहले मृतक धर्मेंद्र के घर आई और उसकी मां बिमला व भाई सतीश से बातचीत की। दोनों ने कहा कि उन्हें घटना की कोई जानकारी नहीं है और न ही यह पता है कि धर्मेंद्र का शव उनके घर के बाहर किसने फेंका है। सतीश ने बताया कि एक साल पहले निधि के परिजन धर्मेंद्र को धमका कर गए थे। इसके बाद से ही धर्मेंद्र और निधि के बीच क्या संबंध रहे, उन्हें नहीं पता। इसके बाद टीम मृतका निधि के घर पहुंची और वहां पर सिर्फ उसकी दादी मौजूद थी बाकी परिवार के सदस्यों को पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार कर रखा है। बाद में महिला आयोग की टीम ने श्मशान घाट पहुंचकर निरीक्षण किया।
टीम के सामने हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव की मांग
महिला आयोग की टीम ने चौपाल में ग्रामीणों से भी मुलाकात की। ग्रामीणों ने टीम के सामने कहा कि एक ही गोत्र के धर्मेंद्र और निधि के बीच जो संबंध थे, उन्हें हमारा समाज मंजूर नहीं करता और सरकार को भी हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव करना चाहिए। इससे इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सकेगी। ग्रामीणों ने टीम के सामने इस मामले को लेकर किसी को भी आरोपी नहीं ठहराया। करीब डेढ़ घंटे गांव में रही टीम ने माना कि अभी भी गांव में दहशत है।
पंच राजेश दो दिन के पुलिस रिमांड पर
ऑनर किलिंग मामले में गिरफ्तार किए गए पंच राजेश को पुलिस ने अदालत में पेश किया। अदालत में पुलिस ने अर्जी लगाई कि इस मामले में राजेश से काफी तथ्य जुटाने हैं, इसलिए उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा जाए। अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राजेश को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। घटना वाले दिन राजेश पंच होने के नाते निधि के परिजनों के साथ बहादुरगढ़ गया था। बाद में परिजनों ने निधि और धर्मेंद्र की अपहरण के बाद बेरहमी से हत्या कर दी थी।