कमिश्नरी में कैजुअल लीव या आकस्मिक छुट्टी के नाम पर मौज काटने वालों के दिन अब लदने वाले हैं। पुलिस आयुक्त ने सिपाही से लेकर आयुक्त तक के कैजुअल लीव (सीएल) लेने के लिए कार्ड बनाने की तैयारी की है। इसे अपने वरिष्ठ के साथ ओएसआई के हस्ताक्षर कराना होगा।
कमिश्नरी के गठन के बाद यहां पर तैनात पुलिस वालों की ओर से कैजुअल लीव के नाम विभाग को धता बताने का मामला प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल की ओर से सभी कर्मियों के लिए ऐसी छुट्टियों का कार्ड बनाया जा रहा है। जो सिपाही से लेकर अधिकारी के पास होगा। अवकाश लेने वाला व्यक्ति अपने वरिष्ठ के हस्ताक्षर के बाद अवकाश पर जाएगा।
वापस आने के बाद उसे ओएसआई ब्रांच में उस पर हस्ताक्षर कराना होगा। पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल के अनुसार, एक जोन में अगर तैनात पुलिस कर्मी का तबादला दूसरे जोन में कर दिया जाता है तो उसका पूरा ब्योरा एकत्र नहीं हो पाता है। जब तक एकत्र होगा तब तक साल बीत जाएगा। ऐसे में अब कार्ड व्यवस्था होने से किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो सकेगी।