कुंडली बॉर्डर पर पत्रकार वार्ता करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकरी। संवाद
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संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किसान संसद में सोमवार महिलाएं भाग लेंगी। किसान संसद के अंतिम दिन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उसके साथ ही अब संयुक्त किसान मोर्चा 15 अगस्त के कार्यक्रमों की तैयारियों में जुट जाएगा। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से कहा गया कि गुरनाम सिंह चढूनी मोर्चा के लिए अहम नेता हैं। उनकी नाराजगी को जल्द दूर किया जाएगा।
कुंडली बॉर्डर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में रविवार देर शाम संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य बूटा सिंह बुर्जगिल ने कहा कि संसद के समानांतर किसान संसद चलाई जा रही है। इसमें 78 घंटे किसानों की संसद ने काम किया। उसमें नए कृषि कानून, दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन में पराली के प्रभाव, विद्युत संशोधन विधेयक, डीजल और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ बहस और चर्चा हुई। किसान मोर्चा ने विपक्ष को चेतावनी पत्र जारी किया था। उसका नतीजा यह रहा कि विपक्ष ने संसद में जोरदार विरोध किया और कृषि कानूनों के खिलाफ प्रभावशाली तरीके से आवाज उठाई। कई बार संसद चलने नहीं दी।
किसान संसद का सोमवार को आखिरी दिन है और इसे महिलाएं चलाएगी। अंतिम दिन किसान संसद में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया जाएगा। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा पीएम से इस्तीफे की मांग की जाएगी।
किसान मजदूर आजादी संग्राम दिवस के रूप में मनेगा 15 अगस्त
कामरेड इंद्रजीत ने बताया कि 15 अगस्त का दिन किसान मजदूर आजादी संग्राम दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन जिला व तहसील पर सभी किसान अपने ट्रैक्टर और वाहनों पर तिरंगा व संगठन का झंडा लगाकर जुलूस निकालकर आजादी दिवस मनाएंगे। 15 अगस्त को आयोजित सरकारी कार्यक्रमों का संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से विरोध नहीं किया जाएगा।
गुरनाम सिंह चढूनी को जल्द साथ ले आएंगे
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता बूटा सिंह ने गुरनाम सिंह चढूनी द्वारा मोर्चे की बैठकों का बहिष्कार करने को लेकर कहा कि मोर्चे में कोई भी नई जत्थेबंदी आती है हम उसकी जांच पड़ताल करके संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल करेंगे। 26 जनवरी को हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा हो चुका है। गुरनाम सिंह चढूनी जिन जत्थेबंदियों की बात कर रहे हैं, वह हमारी जानकारी में नहीं थी। चढूनी के साथ हमारी 5 सदस्यीय कमेटी बात करेगी। हमारा आपसी मामला है इस को जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। गुरनाम सिंह चढूनी ने संयुक्त मोर्चे से यह पूछा था कि इन जत्थेबंदियों को संयुक्त मोर्चा में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा। हमने कहा था कि किसान संगठनों जांच पड़ताल करके मोर्चे में शामिल किया जाएगा। इन्हीं बातों से नाराज होकर किसान मोर्चा से अलग हो गए गुरनाम सिंह से बातचीत के लिए जो कमेटी बनाई है। वह मोर्चे के लिए अहम है। उनको जल्द साथ लेकर आएंगे।