टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले को एकतरफा बनाने वाले प्रदेश के स्टार पहलवान बजरंग पूनिया को स्वर्ण पदक न जीत पाने का मलाल है। देश के लिए कांस्य पदक जीतने के बाद बजरंग पूनिया ने शनिवार को अमर उजाला से फोन पर विशेष बातचीत में कहा कि ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने का सपना लेकर गया था, लेकिन मेरा वह सपना पूरा नहीं हो पाया। जिसका हमेशा मलाल रहेगा। अगले ओलंपिक में कांस्य पदक को स्वर्ण में जरूर बदलूंगा।
बजरंग पूनिया ने कहा कि हमारे अध्यक्ष बृजमोहन व प्रशिक्षक जगमहेंद्र, कुलदीप व राजीव तोमर चाहते थे कि मैं देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाऊं। मैं ऐसा नहीं कर पाया। उन्होंने व फेडरेशन ने कहा है कि इस बार कांस्य पदक से खुशी मनाते हैं, लेकिन अगली बार स्वर्ण से कम ना हो। अब हमारे दो पदक हैं रजत व कांस्य। सभी कोच व फेडरेशन को बधाई।