सोनीपत के खरखौदा में बाईपास किनारे किया गया निर्माण। संवाद
खरखौदा। इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में जब से मारुति जैसे बड़े औद्योगिक घरानों ने निवेश किया है, तभी से खरखौदा में अवैध निर्माण तेज हो गया है। बाईपास किनारे धड़ल्ले से व्यवसायिक निर्माण किया जा रहा है। इस अवैध निर्माण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है, लेकिन अब लोक निर्माण विभाग ने पत्राचार करते हुए नगरपालिका सचिव व जिला नगर योजनाकार से यह पूछा है कि आखिर किस नियम के तहत बाईपास किनारे निर्माण हो रहा है। इस पर नगरपालिका ने जवाब में कोई मंजूरी नहीं देने की बात कही है। ऐसे में क्षेत्र में होने वाले अवैध निर्माण की जिम्मेदारी किसकी है।
लोक निर्माण विभाग के मुताबिक राज्य राजमार्गों पर सड़क से 40 मीटर की दूरी पर ही भवन या किसी व्यवसायिक भवन का निर्माण किया जा सकता है। प्रमुख जिला सड़कों पर यह नियम सड़क से 25 मीटर की दूरी का है। खरखौदा क्षेत्र में नियम-कायदों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण धड़ल्ले से जारी है। ऐसे में लोक निर्माण विभाग की तरफ से उनकी सड़कों के किनारों पर हो रहे निर्माण को लेकर नगरपालिका से पूछा गया कि क्या यह निर्माण कार्य उनकी अनुमति के बाद हो रहा है। इसके जवाब में इन भवनों के निर्माण को लेकर नगरपालिका ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। लोक निर्माण विभाग को अपना जवाब देते हुए कहा है कि उनसे इसकी कोई मंजूरी नहीं ली गई है, नपा के पास कोई नक्शा पास करवाने के लिए नहीं आ रहा है। इससे साफ हो जाता है कि अवैध रूप से यह निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई कब होगी इसका पता नहीं है।
वर्जन
सड़क किनारे होने वाले निर्माण को लेकर नगरपालिका को पत्र लिखकर पूछा था। जवाब में नपा ने निर्माण कार्यों को उनसे मंजूरी लिए बगैर अंजाम देने की बात कही है।
- अनिल चहल, उपमंडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग