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Sonipat: दुष्कर्मी मामा को 20 साल की कैद, भांजी को कमरे पर अकेला पाकर किया था गलत काम

Mon, 05 Feb 2024 03:06 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने दुष्कर्मी मामा को 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने महज 6 माह 27 दिन में मामले की सुनवाई पूरी कर ली। जुर्माना न देने पर 31 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सोनीपत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने किशोरी से दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी रिश्ते में किशोरी का मामा लगता है। दोषी ने कमरे में घुसकर बेटी से दुष्कर्म किया था और डराकर चुप करा दिया था। बाद में परिजनों को पता लगा तो पुलिस को शिकायत दी थी। अदालत ने दोषी पर 91 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए गए हैं।

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पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार
मूलरूप से यूपी के जिला हरदोई के गांव निवासी व्यक्ति 11 मई, 2023 को सिटी थाना पुलिस को बताया था कि वह परिवार सहित शहर में किराए के मकान में रहते हैं। उनके परिवार में 17 साल की बेटी है। उनके साथ रिश्ते में उनके बच्चों का मामा लगने वाला उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर का शुभम भी पास ही किराए पर रहता था। शुभम लेंटर के लिए सरिया बांधने का काम करता था। वह अक्सर उनके पास आ जाता था।

व्यक्ति ने बताया था कि कई दिन से उनकी बेटी गुमसुम रहने लगी थी। उन्होंने बेटी से पूछा तो उसने बताया था कि 4 मार्च को उनके कमरे में घुस आया था। वह उस समय अकेली थी। तब आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। साथ ही उसके अश्लील फोटो खींच लिए थे। आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर किसी को कुछ बताया तो वह फोटो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। उसे किसी से शादी करने लायक नहीं छोड़ेगा।
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साथ ही कहा था कि उसे व उसके परिवार को जान से मार देगा। उसकी धमकी से वह डर गई थी। उसके बाद भी आरोपी उसके साथ कई बार छेडख़ानी करता था और गलत हरकत करता था। जिससे उनकी बेटी चुप रहने लगी थी। मामले का पता लगने पर पीडि़त ने पुलिस को बताया था। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार की टीम ने कार्रवाई करते हुए 19 मई, 2023 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। उसे एक दिन के रिमांड पर लेकर सभी सबूत जुटाए थे। उसके बाद चालान कोर्ट में पेश कर दिया था।

मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने आरोपी शुभम को दोषी करार दिया। अदालत ने महज 6 माह 27 दिन में मामले की सुनवाई पूरी कर ली। दोषी को 20 साल कैद व 91 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर 31 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।

किस धारा में कितनी सजा

  • 6 पॉक्सो एक्ट में 20 साल कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना
  • भादंसं की धारा 452 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
  • धारा 354 में एक साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना
  • धारा 354ए में तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
  • धारा 354बी में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
  • धारा-506 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
  • सभी सजा एक साथ चलेंगी
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