रशिया में अगस्त में होने वाली जूनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप के लिए 5 जुलाई को दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में ट्रायल होंगे। इस बार पहलवानों के लिए कोरोना की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट साथ लेकर आना जरूरी होगी। उस रिपोर्ट के बिना किसी भी पहलवान को ट्रायल में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि पिछले काफी समय से नेशनल कैंप नहीं चल रहा है और पहलवान खुद ही अपने घरों पर रहकर प्रेक्टिस कर रहे हैं। इसलिए कोरोना जांच रिपोर्ट को अनिवार्य किया गया है।
रशिया के उफा में 16 से 22 अगस्त तक जूनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप होनी है। इसके लिए 5 जुलाई को दिल्ली में रखे गए ट्रायल में वे पहलवान हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीता हुआ है। भारतीय कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव विनोद तोमर ने बताया कि वहां जूनियर वर्ग के फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन व महिलाओं के ट्रायल होंगे।
उन्होंने बताया कि यह ट्रायल सुबह 9 बजे शुरू होगा, लेकिन उससे पहले सात बजे वजन किया जाएगा। पहलवानों को वजन में दो किग्रा की छूट दी जाएगी। उनके अनुसार इस बार संक्रमण को लेकर विशेष ध्यान रखा गया है, क्योंकि ट्रायल में काफी पहलवान हिस्सा लेंगे। संक्रमण न फैल सके, उसको देखते हुए आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट मंगवाई गई है, जो तीन दिन पुरानी होनी जरूरी है। इस ट्रायल के बाद विश्व चैंपियनशिप में जाने वाले पहलवानों के साथ ही दूसरे स्थान पर रहने वालों के लिए नेशनल कैंप लगाया जाएगा, जिससे चैंपियनशिप से पहले पहलवान बेहतर तैयारी कर सके और वह कोरोना काल में आने वाली कमियों को दूर कर सके।