सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर किसानों के समर्थन में 11 माह से धरना दे रहे आंतिल खाप सर्वजातीय के सदस्यों ने साफ कहा कि जब तक केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेगी और शहीद किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वह यहां से उठने वाले नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहले भी आरक्षण आंदोलन में दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए हैं, ऐसे में वह विश्वास नहीं कर सकते। किसानों के समर्थन में बुधवार को आपातकाल बैठक बुलाकर खाप के सदस्यों ने यह एलान किया।
खाप के प्रमुख पदाधिकारियों ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को सरकार ने बड़े विरोध के बाद वापस लिया है। वह कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले को नजीर नहीं मानते। इसके लिए सैकड़ों किसानों ने शहादत दी है। अब सरकार को चाहिए कि वह आंदोलन में जिन किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए है उन्हें तुरंत वापस लिया जाए। उनकी मुख्य मांग यह भी है कि जिन किसानों की आंदोलन के दौरान जान गई है उनके परिवारों को सरकार मुआवजा दे। इसके साथ ही किसानों की एमएसपी की जो मांग है वह पूरी होनी चाहिए। इस दौरान सभी ने कहा कि अब वह यहां से घर वापसी तभी करेंगे जब किसानों की प्रमुख मांगे पूरी हो जाए। धरना प्रधान बिजेंद्र आंतिल ने कहा कि आंतिल खाप सर्वजातीय शुरुआत से किसानों के समर्थन में कुंडली धरने पर बैठी है। अब सभी खापों से बातचीत कर समर्थन ज्यादा जुटाया जाएगा। आंतिल 12 खाप के प्रधान जयभगवान आंतिल ने कहा कि किसान आंदोलन में हर छोटे व बड़े किसान ने अपना सहयोग दिया है, लेकिन जो संघर्ष करते-करते शहीद हुए उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। जिन किसानों की आंदोलन के दौरान मौत हुई उनके परिवार के लिए आंतिल खाप आर्थिक मदद की मांग करता है और जब तक सरकार ऐसा नहीं करती तब तक वे घर वापसी नहीं करेंगे।