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तीन गांवों की आबादी काे पीने लायक पानी मयस्सर नहीं

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प्रदीप कौशिक
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सोनीपत। जिले के तीन गांवों का पानी पीने लायक नहीं रह गया है। सैंपल लेने पर पानी दूषित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करने को कहा है। जिले में जनवरी से अब तक विभाग की तरफ से 56 गांवों में पानी के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल को जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल स्थित लैब में भेजा गया था। जांच के दौरान मिली सैंपल रिपोर्ट में गढ़ी झंझारा, मणिक माजरा व सेहरी गांवों का पानी दूषित मिला है।
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में लगाए गए ट्यूबवेल से घरों में पेयजल की आपूर्ति होती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव-गांव जाकर ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशनों व घरों में लगाए गए आरओ के पानी के सैंपल लिए गए थे। इनको विभाग की ओर से जांच के लिए जिला नागरिक अस्पताल स्थित लैब में भेजा गया था। वहां से मिली रिपोर्ट के अनुसार गढ़ी झंझारा, मणिक माजरा व सेहरी गांवों में लगे ट्यूबवेल का पानी पीने योग्य नहीं है। पेयजल में क्लोरीन की मात्रा कम मिली है। मानव शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया मिले हैं। रिपोर्ट के आधार पर जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर शुद्ध पेयजल आपूर्ति करने को कहा गया है। (संवाद )
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दूषित पानी पीने से यह होती हैं बीमारियां
फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा ने बताया कि दूषित पानी पीने के कारण लोगों का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। ऐसे में उल्टी-दस्त, आंतों में संक्रमण सबसे ज्यादा होता है। इसके अलावा पीलिया, गले में संक्रमण, बुखार, एलर्जी, लगातार दूषित पानी पीने से किडनी में संक्रमण होता है। पाचन शक्ति पर भी असर पड़ता है। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी पीना चाहिए। पानी को उबालकर पीने से स्वास्थ्य ठीक रहता है।
पेयजल लाइन जगह-जगह लीक
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। गांव में पेयजल लाइन जगह-जगह लीक हो चुकी है। लाइन को ठीक नहीं किए जाने के कारण दूषित पानी ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है। प्रशासन को ग्रामीणों की इस समस्या का हल करना चाहिए।
- प्रियंका, निवर्तमान सरपंच गांव गढ़ी झंझारा
आपूर्ति किए जा रहे पानी से ग्रामीण बीमार
गांव में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से आपूर्ति किए जा रहे पानी से ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। पीने के पानी के सैंपल भी फेल हो चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए स्वच्छ पानी की सप्लाई करनी चाहिए।
- हरेंद्र पहल, निवर्तमान सरपंच गांव मणिक माजरा
सेहरी गांव का भूजल खारा
पानी मूलभूत सुविधाओं में से एक है, जिसे भी सरकार द्वारा ठीक से ग्रामीणों को मुहैया नहीं करवाया जा रहा है। गांव का भूजल खारा है और पीने के साथ ही अन्य प्रयोग में भी नहीं लाया जा सकता है, जिस पर पूरा गांव ही जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल आपूर्ति पर निर्भर है, लेकिन इसके सैंपल फेल होना चिंता का विषय है। सरकार को चाहिए कि शुद्ध पानी की ग्रामीणों के लिए व्यवस्था करें।
- बलवान नंबरदार, गांव सेहरी
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांवों में जाकर पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। इनकी जांच जिला अस्पताल के लैब में करवाई जा रही है। अब तक छह सैंपल फेल मिले हैं। पानी के सैंपल फेल मिलने पर संबंधित एक्सईएन को शुद्ध पानी आपूर्ति के लिए निर्देश दिए जा रहे हैं।
- एसपी जोशी, एसई जनस्वास्थ्य विभाग
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है। विभाग की ओर से विभिन्न गांवों में जाकर ट्यूबवेल, बूस्टिंग स्टेशनों व घरों से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं। अब तक विभाग की ओर से 56 गांवों में पानी के सैंपल लिए हैं। इनमें से छह सैंपल खराब मिले हैं। स्वच्छ पानी की आपूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है।
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- डॉ. गीता दहिया, उप सिविल सर्जन सोनीपत।
वर्जन
सभी एमपीएचडब्ल्यू को पानी के सैंपल लेने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इनको जांच के लिए लैब में भेजा जा रहा है। वहां से अब तक मिली रिपोर्ट के अनुसार तीन गांवों से लिए गए पानी के छह सैंपल फेल मिले हैं।
- वीरेंद्र सिंह, स्वास्थ्य निरीक्षक सोनीपत।
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