मलिकपुर में दोगुना राशि के बिजली बिल आने पर ग्रामीणों को समझाते एजेंसी कर्मचारी। संवाद
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गांव मलिकपुर में दोगुना राशि के बिजली बिल वितरण के बाद गरमाए मामले का बुधवार को समाधान हो गया। गांव में पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों के सामने ही एजेंसी के कारिंदों ने ग्रामीणों से माफी मांगी। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों के बिलों को मौके पर ही ठीक करवाया और रसीदें सौंपी। अधिकारियों ने कहा कि कोई भी कारिंदा अगर बिजली बिल की राशि वसूलने आता है तो उससे रसीद जरूर लें, रसीद न देने वाले के पास बिल की राशि जमा ना कराएं। ग्रामीणों की परेशानी को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद अब उनका समाधान हो गया।
ग्रामीणों ने 20 फरवरी को एजेंसी के कारिंदों के पास बिल की राशि जमा कराई थी। इसके एवज में एजेंसी के कारिंदों ने उन्हें कोई रसीद तक नहीं दी थी। बिजली बिल पर ही पेन से राशि लिख हस्ताक्षर करके ग्रामीणों को वापस कर दिए थे। एजेंसी के कारिंदों ने उपभोक्ताओं से वसूली राशि बिजली निगम में जमा नहीं कराई। इसका खुलासा सोमवार को तब हुआ जब उपभोक्ताओं के पास दोगुनी राशि के बिल पहुुंचे। उनमें पिछले बिल की राशि भी जोड़ी गई थी। जिसके बाद उन्हें मामले का पता लग सका। गुस्साए ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली निगम गलत बिजली बिल भेजकर उन्हें परेशान कर रहा है। आरोप है कि बिजली निगम की ओर से समय पर रीडिंग नहीं ली जाती और गलत बिल भेज दिए जाते है। इसके बाद इन बिलों को ठीक कराने के लिए ग्रामीणों को कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
ग्रामीणों के रोष को देखते हुए बिजली निगम के उपमंडल अधिकारी व एजेंसी कर्मी गांव में पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी कर्मी के बेटे ने वसूल की गई राशि को जमा नहीं कराया था। एजेंसी कर्मियों ने अधिकारियों के सामने ग्रामीणों से माफी मांगी। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को कहा कि बिजली बिल जमा कराते समय वह रसीद जरूर लें। रसीद न देने वाले कर्मियों के पास बिल जमा न कराएं। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर ही बिलों को ठीक कराया और बिल की राशि जमा कराकर रसीदें सौंपी।