कुंडली के ग्रामीण क्षेत्र में किसान आंदोलन के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों पर अब जल्द ही आवागमन सुगम हो सकेगा। इन सड़कों के दोबारा निर्माण के लिए 46.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़कों का दोबारा निर्माण होने के बाद वाहन चालक दिल्ली के गांव सिंघु व नरेला की तरफ आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
किसान आंदोलन के दौरान एनएच-44 बंद होने के बाद दिल्ली के लिए इसी मार्ग से सबसे अधिक वाहनों का आवागमन होता था। इससे ये सड़कें टूटकर बिखर चुकी हैं। जगह-जगह सड़क पर गड्ढे बने हुए हैं। सड़क का पुनर्निर्माण कराने के लिए क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से संघर्षरत थे और कई बार उच्च अधिकारियों से गुहार लगा चुके थे। नेशनल हाईवे-44 किसान आंदोलन के चलते सवा साल तक बंद रहा था। ऐसे में वाहन चालक नांगल कलां, अटेरना, मनौली से भैंरा-बांकीपुर, खटकड़, जांटी होते हुए दिल्ली के गांव सिंघु के रास्ते आगे आवागमन करते थे। वाहनों की अधिकता के कारण यह सड़क खस्ताहाल हो गई। कुंडली-सिंघु बॉर्डर खुलने के बाद एक माह से वाहनों का आवागमन एनएच-44 से हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से भारी वाहनों का आवागमन बंद होने के बाद लोगों की सुविधा के लिए कुछ स्थानों पर पत्थर भरे गए थे, लेकिन पत्थर दोबारा उखड़ने के बाद फिर से सड़क पर गड्ढे बन रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों से निकलना मुश्किल हो गया रहा।
छह माह में बनकर तैयार होंगी सड़कें
मुख्यालय से बजट मिलने के बाद अब सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से टेंडर लगा दिया गया है। सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए विभाग की ओर से 46.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़कों का निर्माण होने के बाद लोगों की परेशानी दूर होगी।
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इन सड़कों के लिए लगाया टेंडर
मार्ग लंबाई लागत रुपये
-जांटी कलां से मनौली वाया सेरसा खटकड़ से भैंरा-बांकीपुर मार्ग 8.03 किमी 3.59 करोड़
- जीटी रोड से नरेला बॉर्डर वाया जाखोली-पबसरा-मनौली-अटेरना-नांगल कलां मार्ग 19.64 किमी 17.07 करोड़
- राठधना से बहालगढ़-सोनीपत रोड 2.35 किमी 1.79 करोड़ रुपये
- जीटी रोड से नाथूपुर-सबोली- नरेला बॉर्डर मार्ग 4.60 किमी 6.24 करोड़ रुपये
- जीटी रोड राई से नाहरा-बहादुरगढ़ रोड 11.75 किमी 12.55 करोड़ रुपये
- जीटी रोड से जांटी कलां-जांटी खुर्द मार्ग 5.50 किमी 5.57 करोड़ रुपये
वर्जन
कुंडली क्षेत्र में 46.81 करोड़ रुपये की लागत से छह सड़कों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यालय की ओर से बजट मिलने के बाद टेंडर लगा दिया गया है। टेंडर आवंटित होने के बाद ठेकेदार अगले छह माह से सड़कों का निर्माण पूरा करेंगे।
- एनके तोमर, एसई लोक निर्माण विभाग