खरखौदा (सोनीपत)। सीएम विंडो से मिली शिकायत की जांच करने पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत आनंदपुर गांव में हुए कार्यों में धांधली पाई गई है। आनंदपुर गांव के ही एक ग्रामीण द्वारा सीएम विंडो पर शिकायत देते हुए मनरेगा के तहत गांव में हुए कार्यों में धांधली होने का आरोप लगाया गया था। इसकी जांच करने पर लोकपाल पंकज शर्मा ने जुर्माना लगाया है। साथ ही दुरुपयोग की गई राशि को भी 30 दिन के अंदर जमा कराने के आदेश जारी किए गए हैं।
आनंदपुर गांव निवासी एक व्यक्ति ने मनरेगा के तहत गांव में हुए कार्यों पर सवाल उठाए थे और मामले की शिकायत सीएम विंडो पर लगाई थी। इसमें न केवल गांव के सरपंच पर आरोप लगाए गए थे, बल्कि एबीपीओ (सहायक खंड कार्यक्रम अधिकारी) व बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) के खिलाफ भी शिकायत दी गई थी।
डीसी ललित सिवाच का कहना है कि मामले में सीएम विंडो पर दी गई शिकायत में लोकपाल पंकज शर्मा ने जांच की गई थी। इसमें पाया गया कि मनरेगा के तहत किए गए कार्यों में धांधली हुई है। मामले में गांव के निवर्तमान सरपंच, एबीपीओ व तत्कालीन बीडीपीओ को दोषी पाया गया, जिन पर एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। मामले में खुदबुर्द की गई 3 लाख 77 हजार 841 की राशि को भी एक माह के भीतर जमा करवाने के आदेश दिए हैं, ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा से संबंधित शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-1037 जारी
डीसी ने कहा कि मनरेगा स्कीम की शिकायतों के समाधान के लिए लोकपाल कार्यालय डीआरडीए कार्यालय के कमरा नंबर-3 में बनाया गया है। लोकपाल कार्यालय में मनरेगा स्कीम की शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-1037 प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर किसी भी मनरेगा मजदूर को कोई भी शिकायत है तो वह जारी टोल फ्री नंबर या लोकपाल कार्यालय में संपर्क कर सकता है। शिकायत मिलने पर शीघ्र समाधान किया जाएगा।