हरियाणा के मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश में स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। यहां तक कि संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों की पहचान भी कर ली है। अब कुछ पार्टियों द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका की तिथि 18 जनवरी निर्धारित की गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने कहा कि चुनाव के समय अपराध अधिक बढ़ जाता है। सबसे अधिक तनाव सरपंच पद के लिए होता है। ऐसे में उन्होंने एएसपी निकिता खट्टर को निर्देश दिए कि वह क्षेत्र में क्राइम को रोकने के लिए विशेष कदम उठाएं। शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए संवेदनशील बूथों पर नजर रखी जाए। संवेदनशील व अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष व्यवस्था करवाएं।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त ललित सिवाच ने बताया कि स्थानीय निकायों से संबंधित सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। प्रत्येक बूथ पर शौचालय, रैंप व पीने के पानी की संपूर्ण व्यवस्था रहेगी। उनके अनुसार गोहाना में 23 वार्डों के 46 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें छह बूथों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 14 बूथों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। इसी प्रकार गन्नौर के 17 वार्डों के लिए 35 बूथ बनाए गए हैं। इनमें 10 बूथों को अतिसंवेदनशील व 18 बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। कुंडली में 15 वार्डों के लिए 16 बूथ बनाए गए है, जिनमें दो बूथों को अतिसंवेदनशील व 14 को संवेदनशील घोषित किया गया है।
इसके अलावा जिले में 318 पंचायतों के चुनाव करवाए जाने हैं। इनमें करीब 3500 पंचों के चुनाव होंगे। वहीं जिले में 193 पंचायत समिति सदस्य और 24 जिला परिषद के सदस्यों का चुनाव होना है। इसके लिए 2500 बैलेट बॉक्स का प्रबंध किया गया है। करीब एक हजार बैलेट बॉक्स भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगे। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को आश्वस्त किया कि जिले में होने वाले चुनाव के संपूर्ण खर्च का अनुमान तैयार किया जा रहा है। संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की ही वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। प्रशासन ने एनआईसी पोर्टल पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी अपलोड कर दी हैं।