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पिंकी बोली - मेरे सामने ही मम्मी-पापा, भाई ट्रेन से कट गए, मैं कुछ भी न कर सकी

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घटना के बाद जीआरपी थाना पहुंचे परिजन। संवाद - फोटो : Sonipat
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शहर के वेस्ट रामनगर में रहने वाले गादीराम के हंसते-खेलते परिवार पर कुछ देर में ही दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दंपती व बेटे की मौत के बाद अब परिवार में एक बेटी ही बची है। घटना की चश्मदीद बेटी का रोकर बुरा हाल है। पिंकी अपने परिजनों से लिपटकर बार-बार यही कह रही थी कि मैं मौके पर होते हुए भी कुछ नहीं कर सकी।
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जीआरपी को बेटी पिंकी ने बताया कि घर पर दो दिन से कहासुनी चल रही थी, लेकिन रविवार दोपहर को सब ठीक था। पापा-मम्मी बात कर रहे थे। इसके बाद पापा बोले-चलो जरूरी काम से जाना है। पापा मुझे, मां सुनीता व भाई शुभम को बाइक पर बैठाकर चल पड़े। रास्ते में वह कुछ नहीं बोले। इसके बाद बाइक लेकर वह जाहरी फाटक वाले रास्ते पर चल पड़े। कुछ दूर चलने पर बाइक रोक दी। पापा ने उन्हें वहीं रुकने को कहा। भाई शुभम व उसे वहीं खड़ा करके माता-पिता रेलवे लाइन की तरफ चले गए। पापा-मम्मी आपस में बातें कर रहे थे। शुभम और पिंकी बाइक के पास खड़े थे। ट्रेन आई तो पापा जाहरी फाटक के पास पटरी की तरफ भागकर चले गए। उनके पीछे मम्मी भी भागकर ट्रैक पर पहुंच गई। यह सब मैंने देखा। मैं वहीं बदहवास खड़ी रही। पापा व मम्मी को ट्रेन की तरफ दौड़ता देख भाई शुभम भी उनकी तरफ भाग गया। पापा-मम्मी ट्रेन से कट गए। उन्हें बचाने के प्रयास में भाई शुभम को ट्रेन ने फेंक दिया और तीनों की मौत हो गई।
वहीं मृतक गादीराम के परिजनों ने बताया कि वह ज्यादातर बातें उन्हें बताता था। कई बार तनाव में होता तो गांव बिधलान में आ जाता था। भाभी सुनीता भी परिवार के लोगों के संपर्क में रहती थी। उन्हें पता नहीं लगा कि ऐसा क्या हो गया।
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