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धर्मांतरण का शक होने पर लोगों ने जताया विरोध

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आंबेडकर भवन में अनुष्ठान के लिए पहुंचे लोगों से पूछताछ करते गन्नौर थाना प्रभारी निरीक्षक धीरज क? - फोटो : Sonipat
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गन्नौर गांव में स्थित आंबेडकर भवन में चल रहे धर्म विशेष के अनुष्ठान कार्यक्रम में धर्मांतरण कराए जाने का शक होने पर लोगों ने विरोध कर दिया। विरोध के बीच अनुष्ठान करवाने पहुंचे लोग वहां से निकलकर चले गए, लेकिन अन्य लोगों को स्थानीय लोगों ने वहीं बंद कर दिया। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को निकाला और जांच का आश्वासन दिया है।
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शुक्रवार देर शाम आंबेडकर भवन में हो रहे अनुष्ठान में धर्मांतरण का आरोप लगा लोगों ने हंगामा कर दिया। अनुष्ठान कराने पहुंचे लोगों के जाने के बाद स्थानीय लोगों ने अन्य को वहीं बंद कर मामले की सूचना थाना गन्नौर पुलिस को दी। थाना गन्नौर प्रभारी धीरज कुमार पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंबेडकर भवन की देखरेख करने वाले व्यक्ति से पूछताछ की तो सामने आया कि गन्नौर गांव के रहने वाले व्यक्ति ने निर्धन लड़कियों की शादी करवाने के लिए आंबेडकर भवन को बुक किया था, उन्हें इस बारे में कोई और जानकारी नहीं थी। इसके बाद थाना प्रभारी ने भवन में मौजूद लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह धर्म विशेष के अनुष्ठान में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद आस-पड़ोस के लोगों को शांत कर आंबेडकर भवन में मौजूद सभी लोगों को अपने-अपने घरों की तरफ रवाना कर दिया।
भवन से आ रही आवाजों से लोगों को हुआ शक
स्थानीय डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि वह अपने मेडिकल स्टोर पर थे। उन्हें आंबेडकर भवन से आ रहीं आवाजों से शक हुआ तो वह भवन में पहुंचे और लोगों से बातचीत की। भवन में मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि वह यहां अनुष्ठान कर रहे हैं और अनुष्ठान के बाद स्नान करेंगे। उन्होंने इस बारे में और जानने का प्रयास किया तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें कुछ भी बताने से मना कर दिया और धर्म विशेष के प्रचार में जुट गए। इस पर उन्हें शक हुआ तो सूचना विभिन्न संगठनों को दी।
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अनुष्ठान के नाम पर हो रहा था धर्मांतरण का प्रयास
मौके पर मौजूद समाजसेवी अरुण त्यागी, विश्व हिंदू परिषद के खंड संयोजक नरेंद्र ने कहा कि बच्चियों के विवाह के नाम पर आंबेडकर भवन को बुक कर इसमें अनुष्ठान किया जा रहा था। काफी लोगों को तो झाड़-फूंक का झांसा देकर दूर-दूर से बुलाया गया था। इस मामले की जांच होनी चाहिए। पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि इस तरह के अनुष्ठान के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनकी क्या मंशा है।
वर्जन
पुलिस को मामले की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की तो सामने आया कि अनुष्ठान के लिए अनुमति भी नहीं ली गई थी। अनुष्ठान कराने वाले मुख्य लोग वहां से जा चुके थे। आंबेडकर भवन में रोके गए लोगों को घरों के लिए रवाना कर दिया गया है। कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे इस बारे में जल्द पूछताछ की जाएगी।
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- इंस्पेक्टर धीरज कुमार, थाना प्रभारी, गन्नौर
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