डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस के साथ वार्षिक शुल्क जमा करवाने की बात पर अभिभावक भड़क गए। गुस्साए अभिभावकों ने स्कूल गेट के बाहर रोष प्रदर्शन किया। अभिभावकों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन कोर्ट के आदेशों की बात कहकर अभिभावकों की जेब पर बोझ डाल रहा है, जबकि नियमानुसार वार्षिक शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। वहीं स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सभी से नियमानुसार ही फीस ली जाती है। सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों के अनुसार ही अभिभावकों को वार्षिक शुल्क जमा करवाने की बात कही गई है।
अभिभावक जितेंद्र कुमार, राकेश, अनिल, सुरेंद्र ने बताया कि कोरोना के चलते लगातार दूसरे साल भी शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रही हैं। स्कूल नहीं खुल पाए। बच्चों की पढ़ाई भी ऑनलाइन माध्यम से ही करवाई गई। स्थिति सामान्य होने पर अब बच्चे स्कूल जाने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि अब तक वे बच्चों की केवल फीस ही जमा करवाते आए हैं। अगस्त की फीस जमा करवाने गए तो स्कूल प्रबंधन ने वार्षिक शुल्क भी जमा करवाने का दबाव डाल दिया। अभिभावकों का कहना है कि वार्षिक शुल्क करीब 15 हजार रुपये बनता है। कोरोना महामारी में रोजगार भी प्रभावित रहे हैं। ऐसे में फीस का भुगतान भी मुश्किल से कर पा रहे हैं। अब स्कूल प्रबंधन द्वारा वार्षिक शुल्क जमा करवाने का दबाव डाला जा रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है। अभिभावकों ने वार्षिक शुल्क में छूट दिलाने की मांग की है।
एक साथ नहीं कर सकते इतना भुगतान
अभिभावकों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन द्वारा इस साल की शुरुआत से ट्यूशन फीस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए वार्षिक शुल्क जमा करवाने की बात कही जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन की बात मानते हुए उन्होंने वार्षिक शुल्क को किस्तों में जमा करवाने की बात कही तो प्रबंधन ने इनकार कर दिया, जिसके बाद अभिभावकों ने रोष प्रदर्शन किया।
वर्जन
सभी विद्यार्थियों से नियमानुसार ही फीस ली जाती है। जब तक स्कूल बंद रहे, तब तक अभिभावकों से वार्षिक शुल्क नहीं लिया गया। स्कूल खुलने पर अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए अभिभावकों से वार्षिक शुल्क जमा करवाने की बात कही थी। जिस पर अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी के पास जाने की बात कही। अभिभावकों को कह दिया था कि यदि जिला शिक्षा अधिकारी मना करते हैं तो वे वार्षिक शुल्क नहीं लेंगे और प्रबंधन को इस बारे में बता दिया जाएगा। जो अभिभावक एक साथ वार्षिक शुल्क जमा नहीं करवा सकते, वे दो किस्तों में जमा करवा सकते हैं।
- गजेंद्र, प्राचार्य, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, सोनीपत