फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेशनल हाईवे 44 : छह साल से आठ लेन बनाने का काम नहीं हो पा रहा पूरा

सार

जीटी रोड(नेशनल हाईवे 44) के चौड़ीकरण का काम निर्धारित समय के दो साल बाद भी अधर में है। जीटी रोड को दिल्ली से पानीपत तक छह से 12 लेन कराने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में शिलान्यास किया था। चौड़ीकरण की निर्धारित समयावधि अप्रैल 2019 निकल गई और नेशनल हाईवे की हालत अब भी बदतर है। हाईवे को कई स्थानों पर खोदकर छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
जीटी रोड पर बढ़खालसा के पास टूटा हाईवे व खड़ी रेहड़ी। - फोटो : Sonipat
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जीटी रोड के चौड़ीकरण का काम निर्धारित समय के दो साल बाद भी अधर में है। जीटी रोड को दिल्ली से पानीपत तक छह से 12 लेन कराने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में शिलान्यास किया था। एनएचएआई ने निर्माण कार्य को पूरा नहीं किया है। इस कारण चौड़ीकरण की निर्धारित समयावधि अप्रैल 2019 निकल गई और नेशनल हाईवे की हालत अब भी बदतर है। नेशनल हाईवे को कई स्थानों पर खोदकर छोड़ दिया गया, जिससे उसे पार करने में वाहन चालकों व ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है।

विज्ञापन


दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे मुबरका चौक से सिंघु बॉर्डर तक पहले ही आठ लेन बना हुआ था, जबकि उससे आगे छह लेन का नेशनल हाईवे था। इस नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण छह लेन से आठ लेन की सड़क के साथ ही दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाने का प्लान तैयार किया गया। इसके बाद वर्ष 2015 में केजीपी व केएमपी के साथ ही राई से पीएम नरेंद्र मोदी से इसका शिलान्यास कराया गया। इसका चौड़ीकरण दिल्ली से पानीपत तक 70.5 किलोमीटर तक होना है।

इसका ठेका एस्सेल कंपनी को दिया गया। इसके चौड़ीकरण की समयावधि अप्रैल 2019 तक रखी गई और इस पर कंपनी ने काम शुरू कर दिया। शुरुआत में यह प्रोजेक्ट जिम्मा लेने वाली कंपनी की लचर कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ गया। बाद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को इसका टेंडर दूसरी कंपनी को देना पड़ा, मगर लॉकडाउन ने इसकी गति पर विराम लगा दिया।
विज्ञापन


अनलॉक होने से काम ने गति तो पकड़ी, मगर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के लिए करीब 9 महीने से कुंडली बॉर्डर से लेकर केजीपी-केएमपी के जीरो प्वाइंट तक करीब 8 किलोमीटर में बैठे किसान इसके आड़े आ गए। यह बात अलग है कि बाकी हिस्सों में काम चल रहा है, मगर उसके बावजूद लोगों को इस पर वाहन दौड़ाने के लिए इंतजार करना होगा।

बीओटी मोड पर कंपनी खर्च करेगी 2129 करोड़, 17 साल वसूलेगी टैक्स
दिल्ली से पानीपत तक नेशनल हाईवे चौड़ीकरण का एनएचएआई के साथ एस्सेल कंपनी संग करार हुआ था। इस पर 2129 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, जो एस्सेल कंपनी बिल्ड ऑपरेशन एंड ट्रांसफर मोड (बीओटी) के आधार पर खर्च करेगी। इसमें निर्माण अवधि से लेकर 17 साल तक कंपनी टोल वसूलेगी। क्योंकि अभी तक नेशनल हाईवे पर भिगान के पास छह लेन का टोल वसूला जा रहा है और वह टोल की राशि सरकार के पास जा रही है, लेकिन नेशनल हाईवे चौड़ीकरण होने पर टोल कंपनी के पास आ जाएगा और उससे वसूली जाने वाली राशि कंपनी के पास रहेगी।

जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते हैं ग्रामीण व वाहन चालक
नेशनल हाईवे पर गांवों के सामने बने कटों पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। जिसके चलते मार्ग के दोनों तरफ एक लेन की सड़क बनाई गई है। इसी से दिल्ली व पानीपत की तरफ प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। हाईवे पर फ्लाईओवर निर्माण के चलते सड़क संकरी हो गई है। साथ ही वाहनों के बढ़ते दबाव के चलते यहां वाहनों की कतार लगी रहती है। ऐसे में गांव में आने व जाने वाले लोगों की मुसीबत बढ़ गई है।

इन फ्लाईओवर का निर्माण है अधूरा

  • जीटी रोड पर बड़ी गांव के पास
  • सेक्टर-7 मोड़ वर्धमान चौक के पास
  • गन्नौर बागवानी मंडी के पास
  • हलदाना बॉर्डर के पास
  • इन फ्लाईओवर का निर्माण कार्य होना है
  • कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर
  • कुंडली में निफ्टम चौक पर
  • प्याऊ मनियारी के पास
  • बढ़खालसा के पास
  • ड्रेन नंबर आठ के ऊपर।
     

नेशनल हाईवे पर वाहन ज्यादा बढ़ने के कारण इसका चौड़ीकरण किया जा रहा है। किसान आंदोलन के कारण कुंडली क्षेत्र में काम शुरू नहीं हो सका है। चार फ्लाईओवर पर काम जारी है। इसे अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। कार्य को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। - आनंद दहिया, सीनियर मैनेजर एनएचएआई।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें