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जिले के 175 स्कूलों में हुआ नेशनल अचीवमेंट सर्वे

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स्कूलों, शिक्षकों व विद्यार्थियों का मूल्यांकन जांचने के लिए शुक्रवार को जिले में नेशनल अचीवमेंट सर्वे हुआ। इसके लिए जिले में 175 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 5250 विद्यार्थियों ने सर्वे में हिस्सा लिया। इस सर्वे में तीसरी, पांचवीं, आठवीं व 10वीं कक्षा के विद्यार्थी शामिल हुए। सभी विद्यार्थियों ने पूछे गए प्रश्नों को ओएमआर सीट पर भरा। कक्षा तीसरी से पांचवीं के लिए जहां सर्वे का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक निर्धारित किया गया था। वहीं 8वीं व 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को के लिए यह समय सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक रहा।
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नेशनल अचीवमेंट सर्वे के दौरान तीसरी व पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों से जहां हिंदी, अंग्रेजी व गणित के प्रश्न पूछे गए। वहीं आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों से हिंदी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों से हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे गए। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक के परीक्षा केंद्रों पर जहां दो-दो निरीक्षक व पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। वहीं 8वीं व 10वीं कक्षा के लिए बनाए गए केंद्रों पर एक-एक निरीक्षक व पर्यवेक्षक की नियुक्ति की गई। शिक्षा अधिकारियों की मानें तो इस सर्वे के आधार पर ब्लॉक व जिले की रैंकिंग तय होगी। साथ ही स्कूलों का मूल्यांकन भी आसानी से किया जा सकेगा।
सीखने के स्तर का आकलन करेगा सर्वे
नेशनल अचीवमेंट सर्वे की तैयारियों को लेकर सभी विद्यार्थियों को पूर्वाभ्यास करवाया गया था। ताकि वह सर्वे के दौरान सहज रह सकें। शुक्रवार को पूरे देश में एक साथ एक ही समय यह सर्वे आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का आंकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में स्कूलों और शिक्षकों की शैक्षणिक आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए शैक्षणिक नीतियां तैयार की जाएंगी।
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विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी दी परीक्षा
नेशनल अचीवमेंट सर्वे स्कूलों का स्तर, शिक्षकों का शैक्षणिक स्तर व विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने के लिए आयोजित किया गया था। सर्वे के दौरान जहां विद्यार्थियों से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर ओएमआर सीट पर भरवाए गए। वहीं शिक्षकों ने भी दिए गए पत्र में अंकित तथ्यों के आधार पर ओएमआर सीट भरी। कहा जाए तो सर्वे में विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों ने भी परीक्षा दी।
प्रत्येक केंद्र पर दो-दो निरीक्षक तैनात
तीसरी व पांचवीं कक्षा के बच्चों को परेशानी ना हो, इसके लिए एक केंद्र पर दो-दो निरीक्षकों को नियुक्त किया गया था। जिन विद्यार्थियों को ओएमआर सीट भरने में परेशानी हो रही थी। निरीक्षकों ने उन विद्यार्थियों से मौखिक रूप से प्रश्न पूछकर उनको ओएमआर सीट पर भरा। नियमानुसार एक कक्षा में 30 विद्यार्थियों को बैठाया गया ।
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