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भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव : देर शाम तक नहीं हुआ सीएम का कार्यक्रम तय, दिनभर उठते रहे विरोध के सुर

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भगवान वाल्मीकि आश्रम में पत्रकारवार्ता करते दीपक आदित्य व अन्य। संवाद - फोटो : Sonipat
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शहर में बरोदा रोड स्थित वाल्मीकि आश्रम में बुधवार को भगवान वाल्मीकि का राज्यस्तरीय प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। इसमें बतौर मुख्य अतिथि पहुंचने के लिए सीएम मनोहर लाल का मंगलवार देर शाम तक कार्यक्रम तय नहीं हुआ, लेकिन विरोध के सुर दिनभर उठते रहे।
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भगवान वाल्मीकि त्रिकालदर्शी सोसायटी द्वारा बुधवार को शहर में बरोदा रोड स्थित भगवान वाल्मीकि का राज्यस्तरीय प्रकटोत्सव मनाया जाएगा। सोसायटी ने प्रकटोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि आने के लिए सीएम मनोहर लाल को आमंत्रित किया है। बाबा मन शाह, रवि शाह, कृष्ण शाह विद्यार्थी, उमेश नाथ, बाबा प्रकटनाथ के अलावा राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा, सांसद रमेश कौशिक के अलावा कृष्ण बेदी, विधायक बिसंबर वाल्मीकि, जगदीश नायर, सुभाष चंद्र, राम अवतार वाल्मीकि, कृष्ण कुमार आदि प्रबुद्धजनों को भी आमंत्रित किया है। इस कार्यक्रम का किसान समर्थन तो कर रहे हैं, लेकिन वे सीएम के आने का विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को भी दिनभर सीएम के आने पर विरोध करने की बात चलती रही।
कार्यक्रम का करेंगे समर्थन, सीएम का विरोध : सत्यवान
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि हर समाज के लिए प्रेरणादायक हैं, जिन्हें हर कोई पूजता है। ऐसे में वह उनके प्रकटोत्सव का समर्थन करेंगे। इसको लेकर क्षेत्र के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में उनके बैनर लगाकर प्रकटोत्सव में पहुंचेंगे। वहां उनका नमन करते हुए प्रसाद भी ग्रहण करेंगे, लेकिन अगर कार्यक्रम में सीएम आए तो वह केवल उनका ही विरोध करेंगे। इसके लिए किसानों ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। दूसरी तरफ, किसान-मजदूर संघर्ष मोर्चा के संयोजक सतबीर चहल और कांग्रेस नेता बंसी वाल्मीकि ने भी सीएम का विरोध करने की बात कही।
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दोहरी मानसिकता से कार्यक्रम को असफल बनाना चाह रहे किसान : दीपक
भगवान वाल्मीकि त्रिकालदर्शी सोसायटी के अध्यक्ष दीपक आदित्य ने पत्रकारवार्ता कर कहा कि किसान दोहरी मानसिकता अपनाकर कार्यक्रम को फेल करना चाहते हैं। उनकी किसान नेताओं के साथ पांच बार बैठक हो चुकी है। यहां वह समर्थन करने की बात कहते हैं और बाहर विरोध करने की। यही नहीं कार्यक्रम में आकर प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही समाज को चंदा एकत्रित करने की बात भी कह रहे हैं। दीपक ने कहा कि इससे पहले किसानों ने न समाज की आवाज उठाई, न भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव मनाया। ऐसे में अब भी इसकी जरूरत नहीं है। इसके अलावा वाल्मीकि समाज ने न तो कभी चंदा मांगा और न ही उसे किसी के चंदे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव 20 अक्तूबर तक देशभर में चलेगा। इसलिए किसान बुधवार की बजाय अन्य किसी दिन आश्रम में आएं। उन्हें यहां योग वशिष्ठ का पाठ कराएंगे। इस दौरान मोनू पांचाल, जगबीर पांचाल, सुंदर कश्यप, अनिल चावला, रामू रामपाल, विजय निनानिया, नरेश चानना आदि मौजूद रहे।
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