अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने युवक की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए युवक की मां, मामी व मामी के भाई समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। युवक की मां ने अपनी भाभी व उसके भाई के संग मिलकर सुपारी देकर बेटे की हत्या करा दी थी। महिला ने बताया था कि उसका बेटा से शराब के नशे में प्रताड़ित करता था।
झज्जर के गांव बेरी के राहुल (21) की 14 फरवरी, 2016 को गोहाना में नए बस स्टैंड के सामने दिनदहाड़े अज्ञात युवक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। राहुल के भाई रोहित ने अपने गांव के ही ओमप्रकाश पर उसके भाई की हत्या की साजिश की आशंका जताई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विभिन्न पहलुओं को लेकर जांच की थी। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी कुलदीप देशवाल की टीम ने महज सात-आठ घंटे के अंदर ही मामले का पटाक्षेप कर दिया था और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। राहुल की हत्या की साजिश किसी और ने नहीं बल्कि उसकी सगी मां कमलेश ने ही अपनी भाभी शीला के साथ मिलकर रची थी। पुलिस पूछताछ में कमलेश ने बताया था कि उसका बेटा शराब पीकर अक्सर उसके साथ मारपीट करता था। बेटे की मारपीट से वह तंग आ चुकी थी। कमलेश ने अपनी भाभी गांव फरमाणा निवासी शीला से अपने बेटे राहुल को मरवाने की बातचीत की थी। शीला ने अपने भाई गांव उदेशीपुर निवासी धर्मबीर से इस संबंध में बातचीत की थी। धर्मबीर ने राहुल को मरवाने के लिए गांव पांची जाटान के बदमाश कृष्ण से एक लाख रुपये में सौदा तय किया था। धर्मबीर अपने साथ कृष्ण को किसी बहाने से गांव बेरी लेकर गया था और राहुल की पहचान करवाई थी। घटना के दिन जब राहुल गोहाना पहुंचा था तो कृष्ण ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। पुलिस ने घटना की रात ही कमलेश व शीला को गिरफ्तार कर लिया था। उसके एक दिन बाद धर्मबीर को भी गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद सुपारी लेकर हत्या करने के आरोपी कृष्ण उर्फ जसबीर उर्फ धोला को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने हत्या का षड्यंत्र रचने की दोषी कमलेश, उसकी भाभी शीला व शीला के भाई धर्मबीर को उम्रकैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माना तथा हत्या के दोषी कृष्ण उर्फ जसबीर उर्फ धोला को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
पुलिस जांच में सामने आया था कि मामी शीला ने अपने भांजे राहुल को पैसे के लेन-देन के संबंध में गोहाना भेजा था। राहुल को उस व्यक्ति की पहचान भी बता दी गई थी। शीला ने इधर राहुल को गोहाना भेज दिया वहीं दूसरी तरफ अपने भाई धर्मबीर के पास भी फोन कर दिया था। धर्मबीर ने गांव पांची जाटान के कृष्ण के सूचना दी थी। साथ ही जांच में सामने आया था कि मां कमलेश ने बेटे की सुपारी एक लाख में तय की थी। बाद में कृष्ण पैसे लेने गया तो महिला ने उसे सोने की चेन दी थी। पैसे हत्या के बाद देने की बात कही थी।