कोरोना संक्रमण नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों को भी अपनी चपेट में लेने लगा है। इसके चलते नागरिक अस्पताल के सात चिकित्सक, एक स्टाफ नर्स व एक कंप्यूटर ऑपरेटर संक्रमित हो चुके हैं। इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। नागरिक अस्पताल में सर्जन की कमी से पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य कर्मचारी खुद को होम आइसोलेट कर रहे हैं। होम आइसोलेट हो रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों के कारण ओपीडी प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञ डॉक्टर कम होने के कारण मरीजों को अस्पताल से लौटना पड़ा रहा है।
नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ रविवार को कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्होंने खुद को होम आइसोलेट कर रखा है। ऐसे में चर्म रोग की ओपीडी प्रभावित होने के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। इसके अलावा एनस्थीसियोलॉजिस्ट भी संक्रमित हो गए हैं। एनस्थीसियोलॉजिस्ट के संक्रमित होने के कारण सर्जरी करने में चिकित्सकों को दूसरे चिकित्सक की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं। सर्जरी के दौरान एनस्थीसियोलॉजिस्ट की बहुत आवश्यकता होती है। इसके अलावा कम्यूनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ भी एक सप्ताह से संक्रमित हैं। वह अस्पताल प्रबंधन का काम संभाल रहे थे। उनके संक्रमित होने के कारण अस्पताल प्रबंधन का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा एनसीडी क्लीनिक में तैनात फिजिशियन भी एक सप्ताह से संक्रमित हैं। उनके स्थान पर फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा एनसीडी क्लीनिक को चला रहे हैं। इसमें हाइपरटेंशन, शुगर, बीपी समेत अन्य बीमारियों के मरीज आते हैं। वहीं महिला डेंटल सर्जन भी संक्रमित हो गई हैं। जिला अस्पताल के पांच चिकित्सकों को होम आइसोलेट कर रखा है। साथ ही एक स्टाफ नर्स व एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी संक्रमित हैं।
डेंटल सर्जन व शिशु रोग विशेषज्ञ दे चुके कोरोना को मात
सामान्य अस्पताल के डेंटल सर्जन डॉ. सुभाष गहलावत व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रविशंकर कोरोना को मात देकर दोबारा ड्यूटी पर आ चुके हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र ने बताया कि संक्रमित होने के बाद ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। होम आइसोलेट होने के बाद कोरोना के मरीज पौष्टिक भोजन खाएं। सुबह-शाम योग व शारीरिक व्यायाम भी करें।
सप्ताह में एक दिन होती है सर्जरी
काफी समय से सर्जन की कमी होने के कारण मरीजों को ऑपरेशन के लिए भटकना पड़ रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से मुंडलाना के एसएमओ डॉ. संजय कौशिक की ड्यूटी लगा रखी है। वह सप्ताह में हर वीरवार को सर्जरी करते है। अन्य दिन सर्जरी नहीं होने के कारण अस्पताल से मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। सरकार की ओर से मरीजों की परेशानी को देखते हुए जिला अस्पताल में स्थायी सर्जन की नियुक्ति नहीं की जा रही।
सर्जरी करवाने में 35 से 40 हजार रुपये का खर्च
सामान्य अस्पताल में जनरल सर्जन की कमी से अधिकतर मरीज परेशान होकर मेडिकल कॉलेज या पीजीआई जाने के बजाय निजी अस्पतालों में सर्जरी करवाते हैं। गुर्दे की पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया का असहनीय दर्द होता है। इनकी समय पर सर्जरी होना जरूरी है, लेकिन सर्जन की कमी मरीजों की दिक्कत बढ़ा रही है। निजी अस्पताल में जनरल सर्जरी करवाने में 35 से 40 हजार रुपये का खर्च आता है।
वर्जन
जिला अस्पताल में 15 दिन में अब तक सात चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ के दो कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से अभी तक दो चिकित्सकों ने कोरोना को मात दे दी है। सर्जन की कमी को पूरा करने के लिए मुंडलाना के एसएमओ की ड्यूटी लगा रखी है, जो वीरवार को सर्जरी करने के लिए यहां आते हैं।
- डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन