उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर हरियाणा व यूपी के पुलिस अधिकारियों ने मिलकर सुरक्षा व्यवस्था पर रणनीति तैयार की। राई विश्राम गृह में आयोजित बैठक में रोहतक रेंज के आईजी एडीजीपी संदीप खिरवार, करनाल रेंज की आईजी ममता सिंह और मेरठ के एडीजीपी राजीव सभरवाल शामिल हुए। संदीप खिरवार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शांतिपूर्ण चुनाव में हरियाणा पुलिस का पूरा सहयोग मिलेगा। नशा तस्करों के साथ ही आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।
चुनाव आयोग के निर्देश पर शनिवार को आयोजित संयुक्त बैठक में दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों को आपस में लगातार संपर्क में रहने का निर्णय लिया गया। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए दोनों राज्यों की सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि बेहतर समन्वय बैठाकर असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी।
बैठक में अवैध शराब, मादक पदार्थ तस्करी व हथियार तस्करी को लेकर सीमा पर सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया गया। संदीप खिरवार ने कहा कि अपराधियों के बारे में जानकारी साझा की जाए, जिससे उन पर तत्परता से कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को आपस में सूचना प्रेषित कर तालमेल बनाएं रखने का आह्वान किया।
आईजी ममता सिंह ने कहा कि हरियाणा से लगते उत्तर प्रदेश के जिलों में कानून व्यवस्था बनाएं रखने के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे, जिससे उत्तर प्रदेश चुनाव में किसी प्रकार की दिक्कत न आए और चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। कानून व्यवस्था के मुद्दों पर हरियाणा और यूपी पुलिस की चर्चा हुई है।
यूपी के मेरठ मंडल के एडीजीपी राजीव सभरवाल ने बताया कि हरियाणा और यूपी पुलिस के आला अधिकारियों की इंटरस्टेट बैठक की गई है। हरियाणा पुलिस ने यूपी के विधानसभा चुनाव में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। हमारे कुछ सुझाव थे, जो हमने हरियाणा पुलिस के सामने रखे हैं।
कुछ इनपुट हमें हरियाणा से भी मिले हैं। बातचीत लगातार जारी रहेगी। इस दौरान आईजी मेरठ रेंज प्रवीन कुमार, एसपी सोनीपत राहुल शर्मा, एसपी बागपत नीरज कुमार, एएसपी सोनीपत उपासना, एएसपी पानीपत पूजा वशिष्ठ, एएसपी सोनीपत दिप्ती गर्ग व डीएसपी सतीश गौतम मौजूद रहे।
शराब तस्करी पर नकेल कसना रहेगी चुनौती
हरियाणा से यूपी में शराब तस्करी पर नकेल कसना सबसे जरूरी है। इस पर विस्तार से चर्चा की गई। हरियाणा से यूपी में शराब महंगी है, जिससे यहां से तस्करी की आशंका है। ऐसे में शराब तस्करी पर शिकंजा कसने की रणनीति बनाई गई है। वहीं यूपी चुनाव में जाने वाले लोगों पर भी पुलिस निगरानी रखेगी।