बेमौसम बारिश ने इस साल किसानों की परेशान कर रखा है। बारिश से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है। नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने कपास के बाद अब धान, बाजरा व गन्ने की भी विशेष गिरदावरी करने के आदेश जारी किए हैं। जिसके बाद राजस्व विभाग ने पटवारियों की टीम बनाकर गिरदावरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द गिरदावरी का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेजी जाएगी।
मानसून सीजन में हुई रिकार्ड बारिश के साथ बेमौसम बारिश से खरीफ सीजन की फसलों में नुकसान हुआ है। जिसका खामियाजा किसानों को झेलना पड़ रहा हैं। ऐसे में पहले सरकार ने कपास और मूंग की फसलों की विशेष गिरदावरी करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन अक्तूबर माह में दो दिन हुई बारिश के कारण धान व अन्य फसलों में भी नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार ने बाद में धान सहित अन्य फसलों की गिरदावरी करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। जिसके बाद गिरदावरी का काम शुरू कर दिया गया है।
गन्ना व बाजरा उत्पादक किसानों को भी मिलेगी राहत
बारिश के कारण सबसे पहले कपास की फसल में नुकसान हुआ था। कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण कपास खेतों में ही खराब हो गया। जिसके चलते सरकार ने कपास के लिए तो गिरदावरी के आदेश जारी कर दिए थे। बारिश से अन्य फसलें भी प्रभावित हुई है। ऐसे में अब सरकार ने कपास, मूंग के साथ-साथ धान, बाजरा और गन्ने की गिरदावरी के भी आदेश जारी किए है। जिसके बाद धान, गन्ना और बाजरा उत्पादक किसानों को भी राहत मिली है। इसकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी।
सोनीपत के 90 हजार हेक्टेयर भूमि में उगाई गई है धान की फसल
सोनीपत जिले में इस बार किसानों ने 90 हजार हेक्टेयर भूमि में धान की फसल की बिजाई व रोपाई की गई थी। महलाना, बड़वासनी, ककरोई सहित कई गांवों में जलभराव के कारण धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच चुकी है। कई किसानों ने जलभराव के बीच धान की कटाई करवाई है, ताकि कुछ हद तक नुकसान होने से बचाया जा सके। धान के अतिरिक्त जिले में करीब 15 हजार एकड़ भूमि में गन्ना भी उगाया गया है। हालांकि गन्ने में कुछ क्षेत्रों में ही नुकसान हुआ है। बारिश के कारण बाजरे की फसल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। जिले में करीब साढ़े 12 हजार एकड़ भूमि में बाजरे की फसल उगाई गई थी।
जिले में बारिश के कारण फसलों में हुए नुकसान के आकलन के लिए विशेष गिरदावरी करवाई जा रही है। पहले कपास और मूंग की फसल की गिरदावरी करने के आदेश प्राप्त हुए थे। अब धान, बाजरा व गन्ने की फसल की गिरदावरी करने के आदेश मिले हैं। जिसके बाद टीमों का गठन कर गिरदावरी का काम किया जा रहा हैं और यह अंतिम चरण में है। जल्द रिपोर्ट फाइनल कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।
-मनोज अहलावत, तहसीलदार, सोनीपत