गांव ठसका में आग लगाने से जले फसलों के अवशेष। संवाद
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एनसीआर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण के स्तर और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के जागरूक करने के बावजूद किसान खेतों में फसलों के अवशेष जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कृषि विभाग की टीम ने उपमंडल के पांच गांवों में फसलों के अवशेष जलाने पर किसानों को 2500 रुपये (प्रति किसान) जुर्माना लगाते हुए चालान किए। विभाग की टीमों ने किसानों को अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान व उसका प्रबंधन करने के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने किसानों को अवशेषों में डी-कंपोजर कैप्सूल डालकर खाद बनाने के लिए प्रेरित किया।
टीम को सोमवार रात को हरसैक के माध्यम से गांव ठसका में फसलों के अवशेष जलाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर खंड कृषि अधिकारी डॉ. राकेश श्योराण के नेतृत्व में टीम ने पहुंचकर पहले किसानों को साथ लेकर आग पर काबू पाया। इसके बाद किसान पर जुर्माना लगा चालान किया। डॉ. राकेश श्योराण ने किसानों को समझाया कि अवशेष जलाने से आर्थिक नुकसान के साथ ही पर्यावरण को भी नुकसान होता है। उन्होंने किसानों को चेतावनी दी कि वह यह समझकर खेतों में पराली न जलाएं कि उन्हें कोई नहीं देख रहा है। हरसैक से 24 घंटे खेतों में निगरानी की जा रही है। इस पर टीम ने गांव ठसका में दो, जागसी में एक और बिचपड़ी में दो किसानों का चालान किया। चालान करने वाली टीम में आत्मा परियोजना के सहायक तकनीकी प्रबंधक कृष्ण खासा, मुकेश, नरेंद्र भारद्वाज शामिल रहे।