फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विरोध का नया तरीका: भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर अब  किसान छेड़ेंगे मोदी गद्दी छोड़ो अभियान 

Thu, 05 Aug 2021 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)

सार

किसानों ने ध्वजारोहण समारोहों का विरोध नहीं करने का फैसला लिया है। अन्य सभी राजनीतिक और सरकारी गतिविधियों के लिए भाजपा और उसके सहयोगियों के नेताओं का बहिष्कार करने का पूर्व का निर्णय जारी रहेगा।
विज्ञापन
कुंडली बॉर्डर के पास जंतर मंतर पर रवाना होने से पहले नारेबाजी करते किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर पिछले आठ माह से धरना जारी है। बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने एलान किया है कि 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। मोदी गद्दी छोड़ो के नाम से यह नया अभियान चलाया जाएगा। वहीं देशभर में स्वतंत्रता दिवस को आजादी संग्राम दिवस के रूप में मनाया जाएगा। 

विज्ञापन


15 अगस्त को किसान मजदूर सभी खंड व जिला मुख्यालयों तक तिरंगा यात्रा निकालेंगे। सभी धरना स्थलों पर भी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान किसानों ने ध्वजारोहण समारोहों का विरोध नहीं करने का फैसला लिया है। अन्य सभी राजनीतिक और सरकारी गतिविधियों के लिए भाजपा और उसके सहयोगियों के नेताओं का बहिष्कार करने का पूर्व का निर्णय जारी रहेगा।


संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख डॉ. दर्शनपाल व अन्य किसान नेताओं ने पत्रकारवार्ता के दौरान कहा कि जंतर मंतर पर सफल तरीके से किसान संसद चल रही है। इसमें प्रमुख मुद्दों पर बहस की गई और कई प्रस्ताव पास किए गए। मोर्चा की आम सभा में यह तय किया गया है कि स्वतंत्रता दिवस को किसान देशभर में आजादी संग्राम दिवस के रूप में मनाएंगे। 
विज्ञापन


वहीं वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाया जाएगा। मोदी गद्दी छोड़ो के नाम से नया अभियान चलाया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर किसान व मजदूर तहसील, जिला मुख्यालय या अपने नजदीकी किसान मोर्चा या धरने तक तिरंगा मार्च निकालेंगे। यह मार्च साइकिल, बाइक, ठेले, ट्रैक्टर आदि पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकाला जाएगा। 

विज्ञापन

राष्ट्रीय किसान मोर्चे का गठन

किसानों और सरकार के बीच नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए बुधवार को किसान नेता वीएम सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय किसान मोर्चे का गठन किया। बुधवार को गुरुद्वारा रकाबगंज में 20 राज्यों के 100 से ज्यादा किसान नेता जुटे और सर्वसम्मति से वी. एम. सिंह को राष्ट्रीय किसान मोर्चे का संयोजक बनाया गया। गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मोर्चे की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक चिट्ठी भेजी जाएगी और सरकार से नए कृषि कानूनों में संशोधित करने की मांग होगी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें