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किसान आंदोलन: पंजाब की महिला किसान नेता ने दिए घर वापसी के संकेत, टिकैत ने कही ये बात

Sat, 04 Dec 2021 03:34 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। बैठक में जाने से पहले किसान नेताओं ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। इसमें पंजाब से महिला किसान नेता ने किसानों की घर वापसी के संकेत दिए हैं। हालांकि किसान नेताओं का यहीं कहना है कि बैठक में जो भी निर्णय होगा वहीं अंतिम होगा।
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मीडिया से बातचीत करतीं महिला किसान नेता रविंद्र पाल कौर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक हुई। बैठक में जाने से पहले किसान नेताओं ने मीडिया से बातचीत की। इसमें जय किसान आंदोलन की सदस्य पंजाब निवासी रविंद्र पाल कौर ने उम्मीद जताई कि काले कानून वापस होने के बाद किसान अपने घर लौट सकेंगे। मोर्चा की अहम बैठक में वापसी का निर्णय लिया जा सकता है। आंदोलन में किसानों की जीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों की एकता अहम है। किसान अपने अधिकारों के लिए एक होकर लड़े हैं। हालांकि बैठक में निर्णय एसकेएम का मान्य होगा।

एमएसपी गारंटी कानून के बिना नहीं जाएंगे किसान टिकैत 

एसकेएम की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून के बिना किसान जाने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुकदमों के हार पहनकर किसान वापस नहीं जाएंगें। किसानों के साथ सरकार को बातचीत करनी होगी। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने अभियान चलाया है कि मुकदमा चलाओ, भर्ती करो और पर्चा दिखाने वाले को पार्टी में शामिल कर लो। उन्होंने कहा कि शहीद किसानों की सूची सभी के पास है। उन्होंने कहा कि केवल हरियाणा में ही किसानों पर 48 हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। हरियाणा के किसानों को छोड़कर वापस नहीं जा सकते।

सरकार शुरुआत से ही कर रही मोर्चे को तोड़ने की  कोशिश : योगेंद्र यादव

कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चे की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे योगेंद्र यादव ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा एक है। उनके दो अलग-अलग हिस्से नहीं हैं। सरकार एक साल से संयुक्त किसान मोर्चा के दो हिस्से करने की कोशिश करती रही है। लेकिन सरकार को इसमें भी कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानून वापस होने के बाद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से एक पत्र लिखा गया था। 6 प्रमुख मांगे थी, उन पर कितनी प्रोग्रेस हुई है, यह देखने वाली बात है।

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हमने केंद्र को 702 शहीद किसानों के नाम भेज दिए : डॉ. दर्शन पाल

संयुक्त किसान मोर्चा के मुख्य नेता डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि किसान नेताओं की हरियाणा सरकार से बातचीत हुई है, लेकिन उस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। जहां तक केंद्र सरकार के पास शहीद किसानों का रिकॉर्ड नहीं होने का सवाल है तो एसकेएम ने सरकार को 702 किसानों के नाम भेज दिए हैं। एमएसपी पर मोर्चा ने सरकार को 5 नाम नहीं भेजे हैं। जब तक शर्तों, नियम की जानकारी नहीं मिलेगी, तब तक नाम नहीं भेजे जाएंगें। उन्होंने कहा कि जो भी निर्णय संयुक्त मोर्चा लेगा वही मान्य होगा। इससे अलग कुछ नहीं है। सभी किसान एकमत होकर फैसला लेंगे।

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